पंजाब में कोरोना संक्रमण से शुक्रवार को 8 संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। संक्रमण के 162 नए मामले सामने आए हैं। अब तक सूबे में 16168 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में शुक्रवार को बठिंडा में 2, फरीदकोट, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, संगरूर और तरनतारन में 1-1 मरीज की मौत हो गई। राज्य में ब्लैक फंगस के 6 मामले सामने आए हैं।
कोरोना वायरस के बदलते रूप के जांच का आदेश
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को संबंधित विभागों को कोरोना वायरस के बदलते स्वरूपों की जांच को और विस्तृत करने का आदेश दिया है, ताकि कोविड के नए प्रकार के मामलों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मोहाली के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के लिए आईसीएमआर के साथ एमओयू पूरा करने के प्रोजेक्ट में तेजी लाने का आदेश भी दिया है। हालांकि डेल्टा प्लस (मई माह की सैंपलिंग के आधार पर पहले आए दो मामलों के अलावा) स्वरूप का कोई भी नया मामला प्रदेश में सामने नहीं आया है। फिर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पटियाला में वायरस के बदलते स्वरूपों की पहचान संबंधी लैब इसी महीने शुरू की जाएगी। मशीनें 25 जुलाई तक स्थापित कर दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष प्रकट किया कि राज्य द्वारा अगले हफ्ते सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पटियाला में एक पायलट प्रोजेक्ट द्वारा सूखी पट्टी के साथ जांच की शुरुआत की जा रही है। आरटीपीसीआर जांच की तुलना में सूखी पट्टी के साथ जांच के ढंग की संवेदनशीलता 79 प्रतिशत जबकि सटीकता 99 प्रतिशत है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पंजाब ने 10 स्वास्थ्य संस्थानों की पहचान की है और हर स्थान पर कम से कम 15 सैंपल प्रत्येक 15 दिन बाद वायरस के बदलते स्वरूपों की पहचान के लिए भेजे जा रहे हैं।