हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की 86 श्रेणियों की करीब 10 हजार पदों की भर्तियों में सामाजिक-आर्थिक आधार के झूठे घोषणा पत्र देने वाले 750 अभ्यर्थियों ने अपना दावा वापस ले लिया है। इन अभ्यर्थियों ने पंचकूला में आकर बाकायदा एक प्रोफार्मा भरकर आयोग को दिया है। वहीं, आयोग को आशंका है कि अभी भी काफी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने अतिरिक्त अंक हासिल करने के लिए झूठे शपथपत्र दे रखे हैं। इनकी जांच के लिए अब पुलिस घर-घर जाकर इनकी जांच करेगी। इसके अलावा पटवारी और नंबरदार से भी तस्दीक कराई जाएगी।
इन 86 कैटेगरी की भर्ती में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आयोग ने 22 दिसंबर को नोटिस जारी कर अभ्यर्थियों को मौका दिया था कि अगर किसी ने सामाजिक आधार पर अतिरिक्त अंक हासिल करने के लिए झूठा दावा कर रखा है तो वह पंचकूला आकर एक प्रोफार्मा भरकर इसे वापस ले सकता है।
अगर परिणाम के बाद किसी का गलत दावे के आधार पर चयन हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 27 से 30 दिसंबर के बीच 750 अभ्यर्थियों ने अपना दावा वापस ले लिया। अब आयोग कैटेगरी वाइज इन दावों को अलग अलग कर रहा है ताकि पता चल सके कि किस भर्ती में कितने युवाओं ने गलत दावा किया था।
तीसरी जांच के बाद होगी एसआई की नियुक्ति आयोग द्वारा 415 एसआई की चयन सूची जारी करने के बावजूद सरकार तीसरी बार इनकी जांच करा रही है। मुख्य सचिव ने सभी डीसी को आदेश दिए हैं कि जिन युवाओं का चयन सामाजिक-आर्थिक आधार के अंकों के आधार पर हुआ है, इस बात की तस्दीक की जाए कि उनके घर में कोई नौकरी तो नहीं करता। इसलिए एक माह बीत जाने के बावजूद इनकी नियुक्ति अटकी हुई है। डीसी से सभी की रिपोर्ट आने और आयोग की रिपोर्ट के मिलान के बाद उनको ज्वाइनिंग दी जाएगी। बता दें कि इससे पहले आयोग और सीआईडी इसकी जांच कर चुकी हैं। इनमें 50 एसआई के शपथ पत्र झूठे पाए गए थे।
हमें शक है कि अब भी काफी संख्या ऐसे युवा हैं, जिन्होंने झूठे दावे कर रखे हैं। अब उनकी जांच पुलिस से कराई जाएगी। संबंधित व्यक्ति के घर गांव के पटवारी और नंबरदार से इस बात की तस्दीक कराई जाएगी कि संबंधित व्यक्ति के घर पहले से नौकरी है या नहीं। अगर किसी ने गलत तरीके से अंक हासिल किए तो न केवल उसका चयन रद्द होगा, बल्कि उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।