चंडीगढ़ के हर चौक पर लगे कैमरों से अब लाइव लोकेशन का ट्रायल शुरू हो गया है। यातायात नियम तोड़ने के बाद अब इन कैमरों की नजर से बचना मुश्किल होगा। नई तकनीक के कैमरे रात के समय भी गाड़ी की पहचान के साथ नंबर प्लेट को भी कैद करने में सक्षम हैं। ऐसे में चोरी की गाड़ियों की भी तत्काल पहचान हो जाएगी। हालांकि इन कैमरों से निगरानी इस साल दिसंबर के बाद ही शुरू होगी।
वर्तमान में चौराहों पर लगे कैमरे रात के समय वारदात का पता लगाने में कई बार विफल हो जाते हैं, लेकिन अब जो कैमरे लग रहे हैं, वह 24 घंटे वाहन चालकों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। शहर भर में स्मार्ट सिटी की ओर से 1100 कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें से 700 कैमरे लग भी चुके हैं। हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है।
छोटी गलतियों से भी अब बचना होगा मुश्किल
यातायात पुलिस के मुताबिक, शहर में सबसे ज्यादा लाल बत्ती लांघने, बिना हेलमेट, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी, सीट बेल्ट, गाड़ी चलाते हुए मोबाइल पर बात करना, जेब्रा क्रासिंग, गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर चालान होते हैं। अब इन छोटी-छोटी गलतियों पर भी लोग बच नहीं सकेंगे। अभी यातायात पुलिसकर्मी की नजर से बचकर लोग निकलने का प्रयास करते हैं लेकिन नए कैमरों की नजर से बचना मुश्किल होगा।
अपराधियों को भी पकड़ने में मिलेगी मदद
शहर में होने वाले अपराध के मामलों में अक्सर देखा गया है कि अपराधी दूसरे राज्यों से आकर वारदात को अंजाम देते हैं और अंधेरे का फायदा उठाकर आसानी से भाग जाते हैं। कई बार अपराधी की फुटेज वर्तमान कैमरों में नहीं आ पाती लेकिन हाईटेक कैमरे की जद से बचना अपराधियों के लिए मुश्किल होगा।
तोड़ेंगे नियम तो कटेगा इतना चालान
अवहेलना जुर्माना दूसरी बार पकड़े जाने पर
इंश्योरेंस की समाप्ति पर 2 हजार 4 हजार
वायु प्रदूषण की अवहेलना 2 हजार 5 हजार
गलत दिशा में वाहन रोकना 500 1 हजार
इमरजेंसी वाहनों को रास्ता ने देने पर 10 हजार 10 हजार
मोबाइल का इस्तेमाल करने पर 2 हजार 10 हजार
जेब्रा क्रासिंग 500 1 हजार
बिना सिग्नल दिए लेन बदलना 500 1 हजार
नाबालिग के वाहन चलाने पर 10 हजार 10 हजार
रेस लगाना 5 हजार 10 हजार
हेडलाइट की अपर बीम रखना 500 1 हजार
सूर्यास्त के आधे घंटे बाद लाइट न चलाना 500 1 हजार
बिना साइड मिरर के वाहन चलाना 500 1 हजार
पुलिस को झूठी जानकारी देना 1500 2 हजार
आदेश की अवहेलना व ड्यूटी पर बाधा 1 हजार 1500
बुलेट मोडिफाइड साइलेंसर 1 हजार 2 हजार
सिगरेट पीते हुए वाहन चलाना 500 1 हजार
तेज आवाज में हॉर्न बजाना 2 हजार 5 हजार
अनाधिकृत लाइट लगाना 500 1 हजार
हैंडग्रिप और फुटरेस्ट न होने पर 500 1 हजार
बिना साइलेंसर की गाड़ी चलाना 1 हजार 2 हजार
शहर के सभी लाइट प्वाइंट और चौक पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनका मकसद है कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों को रोका जा सके। साथ ही अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। कैमरे लगने के बाद नियमों को तोड़ने वाले नहीं बच सकेंगे। -केतन बंसल, एसपी यातायात पुलिस, चंडीगढ़