मजदूरों ने कहा कि वह यहां मजदूरी करने आए हैं, लेकिन डॉक्टर बीस बीस हजार का बिल बना रहे हैं। अब वह मजदूरी करके अपना पेट भरे या अस्पताल का बिल। उन्होंने कहा कि साफ पानी सिर्फ आढ़तियों के पास आता है, लेबर गंदा पानी पीकर बीमार हैं। उन्होंने बीमारी का एक दूसरा कारण बताया कि मंडी में जो भी शौचालय बने हुए हैं, उनकी सफाई नहीं की जा रही है।
शौचालय गंदगी से पटे होने के कारण बीमारियां फैल रही हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर वह कई बार मंडी सचिव को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सचिव ने उनकी मांग की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जिस कारण उन्हें हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ा।
मजदूरों का आरोप, आढ़ती करते हैं मनमानी
मजदूरों ने आढ़तियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में जो धान कट्टों में भरी जाती है, उसका वजन 35 किलोग्राम होता है, लेकिन आढ़ती उन्हें 50 किलोग्राम के हिसाब से पैसे देते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनसे ठेकेदार ने जो बात की थी, उसमें लिफ्टिंग और सिलाई का काम नहीं था, लेकिन आढ़ती अपनी मनमानी करके हमसे ये भी काम जबरदस्ती करवा रहे हैं।
मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मजदूर
यह एकदम से लेबर का शोषण है। उन्होंने कहा कि इसकी भी शिकायत वह कई बार मंडी सचिव को कर चुके हैं, लेकिन मंडी सचिव भी उनके साथ मिले हुए हैं, जिस कारण उन्होंने आढ़तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक वह काम पर नहीं आएंगे।
मंडी सचिव मंडी में सभी व्यवस्था होने का दंभ भर रहे हैं, लेकिन मंडी में गंदे पानी के कारण मजदूरों की बीमारी व सीवरेज लीकेज ने उनके दावों की पोल खोल कर रख दी है। सीवरेज लीक होने के कारण न सिर्फ उनका गंदा पानी पीने के पाईप में जा रहा है, बल्कि मंडी में भी सीवरेज का पानी धान की बोरियों के नीचे फिर कर धान को खराब कर रहा है। इसके बावजूद सचिव महोदय अपने ऐसी कार्यालय के बाहर निकल कर मंडी की समस्याओं को दूर करने की जहमत नही उठा रहे हैं। जिस कारण मंडी में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है।
मजदूरों के बीमार होने और हड़ताल जाने के बावजूद मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ कह रहे हैं उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सचिव मजदूरों और मंडी के प्रति कितने गंभीर और संवेदनशील हैं। सचिव कहते हैं कि, मजदूरों की बीमारी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। मंडी में पहले एक कर्मचारी सफाई करता था अब हमने दो कर्मचारी शौचालयों की सफाई करेंगे।
वहीं, पीने के पानी के लिए भी हमने दो टैंकर मंडी में लगा दिए हैं। आढ़तियों के खिलाफ मजदूरों ने आज ही मुझे शिकायत दी है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीवरेज जहां से भी लीक है, उसकी चेकिंग करवा कर उसको ठीक करवा दिया जाएगा। मंडी में सब कुछ सही है उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वो सब गलत हैं।