फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणाः असंध की मंडी में दूषित पानी पीने से 500 मजदूर बीमार, सात पीजीआई रेफर

Sun, 14 Oct 2018 10:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, असंध (करनाल)
विज्ञापन
दूषित पानी से बीमार हुए मजदूर
विज्ञापन

करनाल की अनाज मंडी में दूषित खाना खाने और गंदा पानी पीने से जहां सात मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं अब असंध की अनाज मंडी में दूषित पानी पीने से करीब 500 मजदूर बीमार हो गए हैं। इतना नहीं नहीं सात मजदूरों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है। 

विज्ञापन


विरोध में शनिवार को मंडी के करीब 2500 मजदूरों ने काम ठप कर दिया और सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मजदूरों ने मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए और मांगों को लेकर मंडी सचिव को मांग पत्र भी सौंपा। मजदूरों ने चेताया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे।

मजदूरों के प्रधान साहब सिंह, बंटी, दलीप, जीवन यादव, पिंटू, पम्मी, रामबीर, हरि, कृष्ण, सचिन आदि का कहना है कि मंडी में लेबर के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही साफ शौचालय है। मंडी में तीन हजार मजदूर काम कर रहे हैं। मंडी में सीवरेज लीक हैं, जिनकी लीकेज के कारण पीने के पानी के पाईप में गंदा पानी जा रहा है। 
विज्ञापन


इस पानी को पीकर लगभग 500 कर्मचारी बीमार हैं, जिन्हें उल्टी, दस्त, बुखार, बदन दर्द की बहुत ज्यादा दिक्कत है। इनका शहर के व करनाल के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं, सात व्यक्तियों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है।

पेट भरें या अस्पताल का बिल, सचिव ने नहीं सुनी बात

असंध मंडी में जमा पानी
मजदूरों ने कहा कि वह यहां मजदूरी करने आए हैं, लेकिन डॉक्टर बीस बीस हजार का बिल बना रहे हैं। अब वह मजदूरी करके अपना पेट भरे या अस्पताल का बिल। उन्होंने कहा कि साफ पानी सिर्फ आढ़तियों के पास आता है, लेबर गंदा पानी पीकर बीमार हैं। उन्होंने बीमारी का एक दूसरा कारण बताया कि मंडी में जो भी शौचालय बने हुए हैं, उनकी सफाई नहीं की जा रही है। 

शौचालय गंदगी से पटे होने के कारण बीमारियां फैल रही हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर वह कई बार मंडी सचिव को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सचिव ने उनकी मांग की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जिस कारण उन्हें हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ा। 

मजदूरों का आरोप, आढ़ती करते हैं मनमानी
मजदूरों ने आढ़तियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में जो धान कट्टों में भरी जाती है, उसका वजन 35 किलोग्राम होता है, लेकिन आढ़ती उन्हें 50 किलोग्राम के हिसाब से पैसे देते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनसे ठेकेदार ने जो बात की थी, उसमें लिफ्टिंग और सिलाई का काम नहीं था, लेकिन आढ़ती अपनी मनमानी करके हमसे ये भी काम जबरदस्ती करवा रहे हैं। 

सीवरेज लीक होने से धान की बोरियां भींगी  

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मजदूर
यह एकदम से लेबर का शोषण है। उन्होंने कहा कि इसकी भी शिकायत वह कई बार मंडी सचिव को कर चुके हैं, लेकिन मंडी सचिव भी उनके साथ मिले हुए हैं, जिस कारण उन्होंने आढ़तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक वह काम पर नहीं आएंगे।

मंडी सचिव मंडी में सभी व्यवस्था होने का दंभ भर रहे हैं, लेकिन मंडी में गंदे पानी के कारण मजदूरों की बीमारी व सीवरेज लीकेज ने उनके दावों की पोल खोल कर रख दी है। सीवरेज लीक होने के कारण न सिर्फ उनका गंदा पानी पीने के पाईप में जा रहा है, बल्कि मंडी में भी सीवरेज का पानी धान की बोरियों के नीचे फिर कर धान को खराब कर रहा है। इसके बावजूद सचिव महोदय अपने ऐसी कार्यालय के बाहर निकल कर मंडी की समस्याओं को दूर करने की जहमत नही उठा रहे हैं। जिस कारण मंडी में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है।
विज्ञापन

शर्मनाक : सचिव बोले, मुझे बीमारी की जानकारी नहीं

ज्ञापन सौंपते मजदूर
मजदूरों के बीमार होने और हड़ताल जाने के बावजूद मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ कह रहे हैं उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सचिव मजदूरों और मंडी के प्रति कितने गंभीर और संवेदनशील हैं। सचिव कहते हैं कि, मजदूरों की बीमारी का मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। मंडी में पहले एक कर्मचारी सफाई करता था अब हमने दो कर्मचारी शौचालयों की सफाई करेंगे। 

वहीं, पीने के पानी के लिए भी हमने दो टैंकर मंडी में लगा दिए हैं। आढ़तियों के खिलाफ मजदूरों ने आज ही मुझे शिकायत दी है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीवरेज जहां से भी लीक है, उसकी चेकिंग करवा कर उसको ठीक करवा दिया जाएगा। मंडी में सब कुछ सही है उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वो सब गलत हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें