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ध्यान दें: कैश छिपाया तो 50 से 137 फीसदी तक पड़ सकता है जुर्माना

Mon, 26 Dec 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जानकारी न देने पर विभाग कसेगा शिकंजा - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद कालेधन को उजागर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक और मौका दिया है। इसके तहत ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत घर, बैंक या पोस्ट आफिस में रखे कैश को घोषित करने का लोगों को मौका दिया गया है। इसके बावजूद सरकार को जानकारी न देने पर अगर कैश, बेनामी संपत्ति, निवेश आदि पकड़े जाते हैं तो 50 से 137 फीसदी तक जुर्माना पड़ सकता है।
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मेंबर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स और प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स राजेंद्र कुमार ने सोमवार को सेक्टर-17 स्थित आयकर भवन में पत्रकारों से वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अगर कोई भी व्यक्ति घर, बैंक में रखे कैश की घोषणा करता है तो उसे 50 फीसदी टैक्स चुकाना होगा। इसके अलावा कुल घोषित राशि का 25 फीसदी सरकारी योजना में चार साल के लिए जमा करवाना होगा। इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और यह राशि चार साल तक नहीं निकाल सकते हैं। शेष 25 फीसदी राशि आय घोषित करने वाले की व्हाइट मनी होगी। यह योजना 17 दिसंबर से शुरू हो चुकी है और 31 मार्च तक चलेगी। 

राजेंद्र कुमार के अनुसार अघोषित आय के बारे में बताने वालों के नाम गोपनीय रखे जाएंगे। लोग ई-मेल और आफिस में आकर प्रधान आयकर आयुक्त से मिलकर भी आय घोषित कर सकते हैं। इसके लिए आय घोषित करने वाले को एक फार्म भरना होगा। इसकी जांच विभाग अपने स्तर पर करेगा। घोषणा के साथ ही बैंक में जमा कराई गई रकम और उस पर दिए गए टैक्स का प्रूफ जमा कराना होगा। योजना के तहत घोषणा करने पर यह पैसा उसकी आय में शामिल नहीं माना जाएगा।
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यहां देखिए टैक्स रेट

जानकारी न देने पर विभाग कसेगा शिकंजा - फोटो : अमर उजाला
टैक्स रेट
- योजना के तहत आय घोषित करने पर टैक्स और पेनल्टी का 50 फीसदी देना होगा। इसके अलावा 25 फीसदी चार साल के लिए सरकारी योजना में जमा कराना होगा। यह राशि चार साल बाद वापस मिल जाएगी, लेकिन बिना ब्याज के। वहीं शेष 25 फीसदी व्हाइट मनी हो जाएगी।
- 31 मार्च 2017 तक अघोषित आय, निवेश, बेनामी संपत्ति, शाही खर्चे पकड़े जाने पर व्यक्ति को कुल 77.25 फीसदी टैक्स और छह फीसदी पेनल्टी जमा करानी होगी।
- इनकम टैक्स रिटर्न में आय छिपाने के बाद पकड़ी जाने पर कुल 83.25 प्रतिशत राशि चुकानी होगी।
- उक्त सब के दौरान अगर विभाग किसी के यहां सर्च या सर्वे करता है और कैश या अन्य बेनामी संपत्ति मिलती है तो व्यक्ति के मान लेने पर विभाग उस पर 107.25 फीसदी टैक्स वसूल करेगा।
- सर्वे या सर्च के दौरान बेनामी संपत्ति या कैश मिलने के बावजूद इसका विरोध करने पर व्यक्ति से विभाग 137.25 प्रतिशत टैक्स वसूल करेगा। 
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