आंकड़ा हुआ कम लेकिन तेजी से बढ़े मरीज
कोरोना के दौरान अस्पतालों की ओपीडी बंद होने से मरीजों का आंकड़ा तो कम हुआ है लेकिन मर्ज दोगुने से भी तेज रफ्तार से बढ़ा है क्योंकि टेली कंसल्टेशन के सभी मरीजों को परामर्श देना संभव नहीं था। ऐसे में बीमारी की गंभीरता भी बढ़ी है। ऐसे सरकार भी मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा फोकस कर रही है। डॉ. बासु ने बताया कि पोस्ट कोविड मरीजों की तुलना में जो कोरोना संक्रमित नहीं हुए वे मानसिक तनाव से ज्यादा पीड़ित हुए हैं क्योंकि उन्हें अपनों से दूर रहने का डर, आर्थिक खतरा, सामाजिक खतरा जैसे कारण ज्यादा तनाव दे गए।
वर्ल्ड साइकेट्रिक एसोसिएशन ने सहयोगी केंद्र के लिए पीजीआई को चुना
इस अवसर पर पीजीआई में पब्लिक मेंटल हेल्थ प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया। प्रो. बासु ने बताया कि वर्ल्ड साइकेट्रिक एसोसिएशन के साथ मिलकर पीजीआई सहयोगी केन्द्र के रूप में काम करेगा। अब तक विश्व में इसके केवल आठ सहयोगी केन्द्र हैं। इनमें यूके, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग, केन्या, कतर और इटली शामिल हैं। इसके साथ एसोसिएशन ने भारत को सहयोगी केन्द्र शुरू करने की अनुमति दी है। इसके बाद पीजीआई को जिम्मेदारी का वहन करते हुए मानसिक तनाव से बचाने में नीति निर्माण से लेकर अन्य क्षेत्रों में बराबरी से योगदान देना होगा।
इस कार्यक्रम के जरिए सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और ऐसे ही अन्य बिंदुओं पर पब्लिक मेंटल हेल्थ के कारणों को तलाशा जाएगा क्योंकि मानसिक विकार केवल डिप्रेशन या सिजोफ्रेनिया तक ही सीमित नहीं है। कार्यक्रम के पहले चरण में देशभर में नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे। जन-जन तक इसे पहुंचाने का प्रयास होगा। इसमें ऑनलाइन और प्रत्यक्ष कार्यक्रम किए जाएंगे।