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Chandigarh News: काॅलेजों में खाली रह गईं 46 फीसदी सीटें, 30 जून तक बढ़ाई दाखिला अवधि

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कुल 2.30 लाख सीटों के मुकाबले 1.26 लाख ही आवेदन आए 1.04 लाख सीटें खाली
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उच्चतर शिक्षा विभाग ने स्नातक कक्षाओं में दाखिले की अवधि बढ़ाई
चंडीगढ़। राज्य के 373 काॅलेजों व विश्वविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं के 85 कोर्सों में 2.30 लाख सीटों के मुकाबले 1.26 लाख ही आवेदन आ पाए हैं। अभी भी 1.04 लाख सीटें खाली रह गई हैं। मतलब 54 प्रतिशत सीटों के लिए ही आवेदन आए हैं, जबकि अभी भी 46 फीसदी पद खाली रह गए हैं। खाली सीटों को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने अब दाखिले की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी है। इससे पहले, दाखिले के आवेदन के लिए अंतिम तिथि 25 जून थी। दाखिला पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 1,26,018 पंजीकरण हुए हैं। बुधवार को भी 1651 युवाओं ने दाखिले के लिए पंजीकरण कराया है। फिलहाल एक लाख 12 हजार 167 आवेदन पूरी हो चुकी हैं, जिसमें एक लाख एक हजार 354 आवेदन काॅलेजों की ओर से वेरिफाई कर दी गई हैं और 4277 आवेदनों पर आपत्ति हैं, जिन्हें अभ्यार्थियों को त्रुटियां ठीक कराने का मौका दिया गया है। पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक 10,814 आवेदन वेरिफिकेशन के लिए लंबित हैं। पांच दिन और दाखिला अवधि बढ़ाने को लेकर अब उच्चतर शिक्षा विभाग ने दाखिला अवधि में बढ़ोतरी की है, इसको लेकर अधिसूचना जारी दी गई है। बता दें कि इसमें 182 सरकारी, 97 सहायता प्राप्त और 94 निजी काॅलेज शामिल हैं। इनके अलावा राज्य में 10 राज्य विश्वविद्यालय, 25 निजी विश्वविद्यालय और 11 अन्य संस्थान हैं।



पिछले साल खाली रह गई थी 99 हजार सीटें

वर्ष 2023-24 के शैक्षणिक सत्र में 373 काॅलेजों में कुल 1,31,375 ही दाखिले हुए थे और चार बार तिथि बढ़ाने पर भी 99,471 सीटें खाली रह गई थी। इस प्रकार स्नातकोत्तर (पीजी) में भी कुल 40,255 सीटों में से महज 21,558 सीटों पर भरी गई थी और 18,697 सीटें खाली रही थी। लिहाजा ऐसे में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी सीटों पर दाखिले का लक्ष्य निर्धारित किया है और दाखिला अवधि को 30 जून तक बढ़ाया है।
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दाखिले नहीं आने वाले कोर्स बंद
जिन कोर्सों में दाखिले नहीं होंगे, उनको विभाग बंद करने की तैयारी में है। इससे पहले ही विभाग की ओर से सभी काॅलेजों से इस बारे में ब्योरा मांगा जा चुका है। पिछले पांच साल का ट्रेंड देखते हुए विभाग कोर्सों को लेकर फैसला लेगा। साथ ही शिक्षाविदों के साथ भी इससे पहले मंथन किया जाएगा।
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