यूक्रेन में फंसे शहर के 38 लोग सही सलामत चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। हालांकि अभी भी 72 नागरिक वहां हैं, जिन्हें सुरक्षित लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए यूटी प्रशासन के अधिकारी विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में है। बीते दिनों विदेश मंत्रालय ने चंडीगढ़ प्रशासन को यूक्रेन में फंसे 103 निवासियों की सूची भेजी थी। इस बीच यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ में एक हेल्पलाइन नंबर 112 की शुरुआत की।
कहा गया कि इस नंबर पर वह लोग जानकारी दें, जिनके बच्चे या रिश्तेदार यूक्रेन में फंसे हैं। हेल्पलाइन पर 22 लोगों ने कॉल कर बताया कि उनके परिजन यूक्रेन में फंसे हैं। प्रशासन ने जब विदेश मंत्रालय के साथ इन 22 लोगों की सूची का मिलान किया तो पता चला कि सात लोग ऐसे हैं, जो विदेश मंत्रालय की सूची में नहीं हैं। इसके बाद अब प्रशासन ने माना है कि यूक्रेन में शहर के 110 लोग फंसे थे।
गृह सचिव नितिन यादव ने बताया कि शहर के 38 नागरिक यूक्रेन से आ चुके हैं जबकि बाकी को भी जल्द लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली हवाई अड्डे पर एक हेल्प डेस्क की भी स्थापना की गई है। साथ ही दिल्ली पहुंचने के बाद चंडीगढ़ के लिए परिवहन की व्यवस्था भी प्रशासन करेगा। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 112 पर प्राप्त जानकारियों को विदेश मंत्रालय को भेजा जा रहा है, जो यूक्रेन और आसपास के देशों में दूतावास के साथ साझा किया जा रहा है।
यूक्रेन में फंसे बच्चों के परिजनों के संपर्क में प्रशासन के अधिकारी
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि परिजनों के घर पुलिस व प्रशासन की टीमें भी गई हैं और उनका हौसला बढ़ाया है। बता दें कि भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए मिशन ‘ऑपरेशन गंगा’ शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने 1800118797 (टोल फ्री), + 91-1123012113, + 91-1123014104, + 91-1123017905, +91-1123088124 (फैक्स) नंबरों पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया है।