हरियाणा सरकार ने एचसीएस के कॉडर पदों पर कैंची चला दी है। प्रदेश में अभी तक रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी में एचसीएस अधिकारी ही लगते आए हैं और जीएम रोडवेज के पद पर भी एचसीएस अधिकारी तैनात होते थे। अब सरकार ने 22 पद आरटीए सचिव के और 12 पद जीएम रोडवेज के समाप्त कर इन पर दूसरे विभागों से अधिकारियों की तैनाती का मूड बनाया है।
सूत्रों के मुताबिक अब इन पदों पर एचपीएस, वन विभाग, रोजगार और अन्य विभागों के अधिकारी नियुक्ति पा सकेंगे। हालांकि, एचसीएस लाबी इस बात का विरोध कर रही है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। प्रदेश की एचसीएस लाबी तब से इस बात के विरोध में है जब रोडवेज महकमे में कुछ एचपीएस अधिकारियों की नियुक्ति सरकार ने की थी। उस समय प्रदेश में अफरा तफरी का माहौल बना था, लेकिन मामला शांत हो गया।
अब सरकार के इस परिपत्र से एक बार फिर एचसीएस लाबी का विरोध में आना स्वाभाविक है। पिछले दिनों रोडवेज महकमें में कई पदों पर अचानक सरकार ने एचपीएस अधिकारियों की नियुक्ति कर दी थी। ऐसा तब हुआ जब रोडवेज की कमान आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर के हाथ में आई। अब सरकार का यह मानना है कि उनकी इस तैनाती से परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार में कमी आएगी।
एचसीएस अधिकारियों की लाबी और व्हाटसएप ग्रुपों में सरकार के इन निर्णयों का विरोध भी हो रहा है। लेकिन अधिकारियों को यह तर्क दिया जा चुका है कि कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह की व्यवस्था है। जिसके बाद ही यह निर्णय लिया गया है। मालूम हो कि पिछले दिनों आईएएस के कॉडर पदों पर भी आईपीएस की नियुक्तियों को लेकर विवाद छिड़ा था लेकिन बाद में यह मामला शांत हो गया।