पंजाब कैबिनेट ने पीसीएस (एग्जीक्यूटिव शाखा) काडर के सभी अफसरों को 14 वर्ष की सेवा के बजाय अब 13 वर्षों की सेवा पूरी होने पर 37400-67000-8700 (ग्रेड पे) में बढ़ा वेतन स्केल देने को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने 8 जुलाई 2003 के उस आदेश को 6 दिसंबर 2008 से वापस लेने को मंजूरी दे दी है, जो पीसीएस (एग्जीक्यूटिव शाखा) के अफसरों को 12 वर्षों की सेवा पूरी होने पर 14300-18600 के बढ़े हुए वेतन स्केल में स्थान दिए जाने से संबंधित थे। पंजाब कैबिनेट ने साल 2018-19 के लिए बागवानी और श्रम विभाग की सालाना प्रशासकीय रिपोर्टों को भी मंजूरी दे दी है।
पंजाब में जमीन के कब्जे वाले काश्तकारों को मिलेगा मालिकाना हक
कृषि भूमि पर कब्जे वाले कुछ खास काश्तकारों को जमीन का मालिकाना हक देने के लिए पंजाब कैबिनेट ने पंजाब भोंडेदार, बूटेमार, डोहलीदार, इनसार मियादी, मुकररीदार, मंढीमार, सौंजीदार (मालिकाना अधिकार देना) बिल, 2020 को मंजूरी दे दी। इन श्रेणियों के 11,231 व्यक्ति, जिनके पास इस समय 4000 एकड़ के करीब निजी जमीनों का कब्जा है। राज्य सरकार द्वारा जल्द ही नोटिफाई किए जाने वाले ग्रेड्स के अनुसार मुआवजे की अदायगी के बाद इनको मालिकाना अधिकार दिए जाएंगे।
डॉक्टरों व मेडिकल विशेषज्ञों के सेवाकाल में तीन माह की वृद्धि
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को राज्य में कोविड संकट के मद्देनजर सेवामुक्त हो रहे डॉक्टरों और मेडिकल स्पेशलिस्टों को 1 अक्तूबर से 31 दिसंबर 2020 तक सेवाकाल में 3 महीने की वृद्धि या फिर से नौकरी पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
स्टाफ नर्सों के स्थायी पद घटाए
प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने पंजाब हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर टेक्निकल (ग्रुप सी) सर्विस रूल्स, 2016 में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिसके अंतर्गत निर्धारित तरक्की कोटा स्टाफ नर्स के पद संबंधी 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है और स्टाफ नर्सों के स्थायी मंजूरशुदा 4216 पद घटाकर 3577 कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे योग्य उम्मीदवारों को स्टाफ नर्स के रिक्त पद और अनुसंधान व मेडिकल शिक्षा विभाग के हवाले के 639 पदों संबंधी प्रत्यक्ष भर्ती के लिए रोजगार के मौके मिलेंगे।