भारत-पाकिस्तान के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के अनुसार दोनों देश वर्ष में दो बार अपने यहां बंद नागरिकों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं। जुलाई 2020 में पाकिस्तान सरकार से मिली जानकारी के अनुसार उसकी अलग-अलग जेलों में इस समय 324 भारतीय बंद हैं। इनमें से 270 मछुआरे और 54 सिविल कैदी हैं। दोनों देशों के बीच 2008 में हुए समझौते के आधार पर यह जानकारी दी जाती है।
भारत सरकार ने भी अलग-अलग जेलों में बंद 362 पाकिस्तानी कैदियों की सूची दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजी थी। इस सूची के अनुसार पाकिस्तान के 265 सिविल कैदी और 97 मछुआरे भारतीय जेलों में सजा काट रहे हैं। सूचियों के आदान-प्रदान के बाद पाकिस्तान ने केंद्र सरकार से सजा पूरी कर चुके 15 सिविल कैदियों और 47 मछुआरों को रिहा करने की मांग की है।
पाकिस्तान ने इन कैदियों के बारे में पाकिस्तानी नागरिकता की पुष्टि के बारे में भारत सरकार को जानकारी दे दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारतीय जेलों में सजा काट रहे पाकिस्तानी मछुआरों व 77 नागरिकों को कानूनी सहायता देने की मांग की है। दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के कारण इस वर्ष अटारी-वाघा सीमा से कैदियों की वतन वापसी नहीं हो सकी है।