24वें गवाह ने एफिडेविट फाइल कर अपना बयान दर्ज कराया है। सेशन कोर्ट में कठुआ दुष्कर्म और हत्या के मामले में सोमवार को 22वें और 23वें गवाह के बयान पर जिरह खत्म हुई। जेएंडके पुलिस के एएसआई को 24वें गवाह के रूप में पेश किया गया और बयान दर्ज कर उस पर जिरह शुरू कर दी गई। लेकिन 24वें गवाह ने ओरल बयान देने की बजाय नोटरी और पब्लिक प्रोसिक्यूटर से अटेस्टेड एफिडेविट फाइल कर बयान दर्ज करवाए। वहीं बचाव पक्ष ने जेएंडके क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट का हवाला देते हुए एफिडेविट से बयान दर्ज कराने पर एेतराज जताया।
डिफेंस के वकील एके साहनी ने बताया कि जेएंडके क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट के अनुसार एफिडेविट केवल 145 की प्रोसीडिंग के तहत ही लगाए जा सकते हैं, इस पर मंगलवार को डिफेंस कोर्ट में बहस करेगा। उन्होंने कहा कि प्रोसिक्यूशन जेएंडके क्रिमिनल प्रोसीजर को ध्यान में रखकर गवाह पेश करे। इस पर कोर्ट कल फैसला सुनाएगा कि एफिडेविट मान्य है या नहीं।
साहनी ने कहा कि बचाव पक्ष इस एफिडेविट को ओवररूल्ड नहीं करेगा, क्योंकि हो सकता है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक ऐसा एफिडेविट दर्ज करवाना जायज हो। लेकिन जेएंडके क्रिमिनल प्रोसीजर कोर्ट इसकी इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि जेएंडके का प्रैक्टिस और प्रोसीजर, एविडेंस एक्ट अलग है। मामले पर सुनवाई और बहस मंगलवार को होगी।
मास्टर माइंड सुप्रीम कोर्ट और जेएंडके कोर्ट को कर रहा गुमराह
सांकेतिक तस्वीर
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बचाव पक्ष के वकील एके साहनी ने बताया कि जिस मास्टरमाइंड को सांबा पुलिस ने पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था उस पर उसकी बीवी ने दहेज और जान से मारने की कोशिश का केस किया है। साहनी ने बताया कि उस केस में वह कठुआ के केस के मास्टर माइंड की पत्नी के वकील हैं, जिसमें जेएंडके हाईकोर्ट ने स्टे दिया है।
उसमें मास्टर माइंड ने अपना एड्रेस त्राल (अनंतनाग) का लिखा है, लेकिन यह रसाना का रहने वाला है। इसकी पढ़ाई भी रसाना में हुई और रसाना केस के बयान में इसने अपना पता हीरानगर रसाना लिखवाया है। सुप्रीम कोर्ट में दिए डॉक्यूमेंट में भी इसका पता रसाना ही है।
साहनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह गवाह सुप्रीम कोर्ट, जेएंडके हाईकोर्ट और पठानकोट की सेशन कोर्ट को गुमराह कर रहा है। उसने हर जगह झूठे एड्रेस और झूठे एफिडेविट फाइल किए हैं। अपने फेवरेबल ऑडर्स के चलते यह अपना एड्रेस बदल लेता है। इस मामले में जेएंडके के चीफ जस्टिस को पिटीशन फाइल कर दी गई है। साहनी ने कहा कि यह गवाह हिस्ट्रीशीटर है, इस पर नगरोटा में डीएसपी से मारपीट का मामला भी सामने आ रहा है। पुलिस ने ऐसे हिस्ट्री शीटर को गवाह बनाकर पेश किया यह समझ से परे है।