मार्च माह में हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो ने 22 सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इनमें तीन प्रथम श्रेणी अधिकारी और 19 तृतीय श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। खास बात ये है कि पकड़े गए आरोपियों में सबसे अधिक आठ पुलिस कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं। उक्त कर्मियों को 2000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायतों व जांच के आधार पर तीन प्रथम श्रेणी अधिकारी, 1 द्वितीय श्रेणी अधिकारी, 7 तृतीय श्रेणी कर्मचारी और दो निजी व्यक्तियों सहित कुल 13 के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। ब्यूरो ने इसी अवधि के दौरान की गई चार जांच में तीन राजपत्रित अधिकारियों, तीन अराजपत्रित अधिकारियों और तीन निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामलों की भी सिफारिश की है।
छह विशेष, तकनीकी जांच की रिपोर्ट सरकार को भेजी है जिसमें 14 राजपत्रित अधिकारियों और पांच अराजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए संबंधित एजेंसी से 16.25 लाख रुपये से अधिक की वसूली की सिफारिश की गई है। विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की बात करें तो सबसे अधिक पुलिस के आठ, बिजली निगम और राजस्व विभाग के 3-3, स्वास्थ्य और टाउन प्लानिंग विभाग के 2-2, निकाय, परिवहन, पब्लिक हेल्थ और उद्योग विभाग के एक-एक में एक, पब्लिक हेल्थ एक और उद्योग विभाग का एक अधिकारी गिरफ्तार किया है।
करनाल के जिला टाउन प्लानर को पांच लाख रिश्वत लेते पकड़ा
बड़ी गिरफ्तारियों में जिला टाउन प्लानर, करनाल विक्रम और चालक बलबीर को क्रमश: पांच लाख रुपये और 5000 रुपये और तहसीलदार करनाल, राजबख्श को गिरफ्तार किया गया। नगर परिषद पलवल के बिल्डिंग इंस्पेक्टर चमन लाल को पांच लाख रुपये, एचएसवीपी बागवानी विंग के कार्यकारी अभियंता विजय कुमार को 30000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।