डाक्टरों की लापरवाही, ड्यूटी से गायब रहने, बाहरी दवाइयां लिखने जैसे मामले उजागर होने के बाद वीरवार को हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने छापेमारी की। इसमें एक महिला डॉक्टर सहित फार्मेसिस्ट को सस्पेंड कर दिया गया।
घटना हरियाणा के कुरुक्षेत्र में स्थित एनएनजेपी अस्पताल की है। मंत्री ने चिकित्सा अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री ने एलएनजेपी अस्पताल की एक चिकित्सक एवं एक फार्मेसिस्ट को ड्यूटी से गैर हाजिर पाए जाने पर सस्पेंड के आदेश जारी किए हैं।
इसके साथ अस्पताल में अनियमितता मिलने पर मेडिकल अधीक्षक डॉ. मुकेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। हरियाणा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को दोपहर के समय कुरुक्षेत्र एलएनजेपी अस्पताल का औचक निरिक्षण किया।
ड्यूटी से गैर हाजिर पाई गईं वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. करुणा ढींगरा एवं फार्मेसिस्ट साल्वी को निलंबित कर दिया। इसके अलावा, अस्पताल में गंदगी व अनियमतताओं के कारण मेडिकल अधीक्षक डॉ. मुकेश कुमार को स्पष्टीकरण के आदेश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अस्पताल के सभी वार्डों का निरीक्षण किया तथा करीब एक दर्जन मरीजों का हालचाल पूछा और उनकी समस्याएं सुनी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों के बेड की गंदी व फटी चादरों तथा शौचालयों की खस्ता हालत को लेकर चिकित्सकों को फटकार लगाई।
इस दौरान अधिकांश चिकित्सक बगैर वर्दी में मिले। स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए भविष्य में वर्दी में आने के आदेश दिए। स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षण को लेकर मरीजों एवं उनके तिमारदारों में खुशी की लहर है। वहीं कर्मचारियों व चिकित्सकों में हड़कंप मच गया।
मरीजों ने बताया कि पिछले दस वर्षों में किसी स्वास्थ्य मंत्री ने इस तरह पहली बार अस्पताल का निरीक्षण किया है, जो सराहनीय कार्य है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के चिकित्सकों को अपनी कार्यशैली और मानसिकता में बदलाव लाने के निर्देश देते हुए कहा कि एलएनजेपी अस्पताल की व्यवस्थाओं का शीघ्र सुधार किया जाए।
राज्य सरकार द्वारा मरीजों और लोगों के लिए जो योजनाएं व सुविधाएं मुहैया करवाई हैं, उनका पूरा फायदा मरीजों को मिलना चाहिए। इस मामले में जरा सी भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
कुछ डाक्टरों के कमरे पर ताले लगे थे
निरीक्षण के दौरान कुछ डाक्टरों के कमरों पर ताले लगे थे। पूछताछ किए जाने पर इन डॉक्टरों के बारे में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकेश ने बताया कि वे कोर्ट गए हैं। पता चला है कि इन तथ्यों की भी जांच कराई जा रही है कि जिन कमरों पर ताले लगे थे वे डॉक्टर वास्तविकता में कोर्ट ड्यूटी पर थे या नहीं।