पशुओं की खरीद-फरोख्त और आवाजाही पर रोक
पशु पालन विभाग पठानकोट के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रमेश कोहली का कहना है कि बीमारी के खत्म होने तक पशुओं की खरीद-फरोख्त और आवाजाही पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, लोगों को मक्खी-मच्छरों से दूर रखने और साफ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पशु पालकों को लंपी रोग के लक्षणों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशु को तेज बुखार, चमड़ी पर चकत्ते, टांगों पर सूजन इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा इस बीमारी की चपेट में आया पशु चारा खाना बंद कर देता है।
डीसी पठानकोट हरबीर सिंह ने बताया कि जिला पठानकोट में स्थिति नियंत्रण में है। अब तक कुल 182 पशु इस रोग से ग्रस्त थे। उन्होंने पशुपालकों से कहा कि जहां पर पशुओं को बांधा जाता है, वहां पर एक फीसदी फार्मलीन या सोडियम हाई पिक्रोलाइट का स्प्रे करें। किसी भी पशु में लक्षण नजर आने पर उसे अन्य पशुओं से अलग करें और तुरंत नजदीकी पशु संस्था से संपर्क करें।