पटियाला के गांव मैहस के एक 18 वर्षीय युवक की नशे से मौत होने का मामला सामने आया है। गुरबख्शीश सिंह नाम का यह युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और अगले माह वह इटली जाने की तैयारी में था। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे गांव में मातम का माहौल पसरा था। हर किसी की आंख नम थी। उधर, नाभा के डीएसपी दविंदर अत्री का कहना है कि युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। उसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
मृतक की माता अमनदीप कौर ने बताया कि उनका इकलौता बेटा बुधवार शाम को गाड़ी में तेल डलवाने के लिए उनसे 500 रुपये लेकर यह कहकर घर से गया था कि वह दशहरा देखने जा रहा है। बाद में सूचना मिली कि गांव से कुछ दूरी पर कार में गुरबख्शीश सिंह बुरी हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंचकर देखा तो उसका शरीर नीला पड़ा था। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
माता ने बताया कि उनके पति पिछले काफी समय से इटली में हैं। अगले माह वह पंजाब आकर बेटे गुरबख्शीश सिंह को भी अपने साथ इटली लेकर जाने वाले थे। गुरबख्शीश सिंह के कागज आदि सब पूरे हो चुके थे। युवक की एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि गुरबख्शीश सिंह के बाल खुले पड़े थे और उसका शरीर पानी से गीला था। ऐसा लग रहा था कि उसके साथ वाले लड़कों ने उसे होश में लाने के लिए पानी डाला हो।
मृतक युवक के ताया नरिंदर सिंह ने माना कि लड़के की मौत नशे के कारण ही हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में नशे का काफी बोलबाला है। उनकी सरकार व पुलिस प्रशासन से मांग है कि युवाओं को बचाने के लिए नशे के बढ़ते कारोबार पर रोक लगाई जाए। इस मौके पर गांव के लोगों ने बताया कि उनके गांव के करीब 50 लड़के नशे की बुरी लत के शिकार हैं। इनमें सभी 14 से 18 साल की आयु वर्ग के हैं। नशा छुड़ाओ केंद्रों में भी लड़कों को दाखिल कराया जाता है। ठीक होकर आ भी जाते हैं लेकिन बाद में फिर से बुरी संगत में नशे का सेवन करने लग जाते हैं।