संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। कस्बा शाहकोट के गांव कोहाड़ कलां में गुरमति विद्यालय के नाम पर बिना लाइसेंस के चल रहे अवैध नशा छुड़ाओ केंद्र पर पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संचालकों की ओर से केंद्र में बंधक बनाए 17 लोगों को रिहा करवाकर अस्पताल में दाखिल करवाया। केंद्र के खिलाफ डिप्टी कमिश्नर जालंधर को शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद पुलिस ने दबिश दी है।
डीएसपी शाहकोट ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि थाना शाहकोट के प्रभारी इंस्पेक्टर अमन सैनी ने पुलिस टीम के साथ सूचना पर कार्रवाई करते गांव कोहाड कलां में बने गुरमति विद्यालय पर दबिश दी। इस दौरान एसडीएम शाहकोट ऋषभ बंसल भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। जहां दफ्तर में मोगा के दशमेश नगर निवासी अमरदीप सिंह और जसकरण उर्फ अजय मौजूद थे। ऑफिस का एक दरवाजा बंद था। उसके अंदर से कुछ लोगों की आवाजें आ रही थीं। दरवाजे को लोहे की जंजीर से बांधा हुआ था। जब दरवाजा खोला तो सामने एक बड़ा हाॅल दिखाई दिया जिसमें न कोई खिड़की और न ही कोई रोशनदान था। बंद हाॅल में कुल 17 लोगों को पंखें के नीचे रखा गया था।
केंद्र मालिक ने अपने केंद्र की पहचान के संबंध में भवन के बाहर कोई बोर्ड नहीं लगाया था और गुरमति विद्यालय के नाम से चल रहे केंद्र में कोई योग्य प्रशिक्षक या शिक्षक नहीं था। इसके बाद टीम ने 17 व्यक्तियों को बचाया और एंबुलेंस की मदद से नशा छुड़ाओ केंद्र सिविल अस्पताल जालंधर में भर्ती करवाया। जानकारी के अनसार, फर्जी नशा छुड़ाओ केंद्र में करीब छह महीने तक व्यक्तियों को बंधक बनाकर रखा गया था। इमारत के मालिक आरोपी सरबजीत सिंह उर्फ बलवीर निवासी बिल्ली चाओ नकोदर हाल निवासी कोहाड़ कलां फरार हो गए। फर्जी नशा छुड़ाओ केंद्र के मालिक, सहायक एवं इमारत के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपी अमरदीप सिंह और जसकरण उर्फ अजय को गिरफ्तार कर लिया गया है जिन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।