चंडीगढ़। नगर निगम सदन की वीरवार को होने वाली बैठक में पिछले 16 टेबल एजेंडों को लेकर एक बार फिर घमासान होगा। भाजपा ने साफ कर दिया है कि 31 जुलाई की बैठक में बिना उचित चर्चा के पास किए गए टेबल एजेंडों को मान्य नहीं माना जाएगा। इन प्रस्तावों पर अब सदन में दोबारा विस्तार से चर्चा होगी। भाजपा की प्री हाउस बैठक के बाद मेयर सौरभ जोशी ने भी स्पष्ट कर दिया कि 31 जुलाई को बिना सही प्रक्रिया के पास किए गए एजेंडों को रद्द माना जाए और उनकी कार्यवाही को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बुधवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र मल्होत्रा की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय कमलम में प्री हाउस बैठक हुई। बैठक में मेयर सौरभ जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और अरुण सूद, प्रदेश महामंत्री संगठन मंथरी श्रीनिवासुलु, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, पूर्व मेयर सुभाष चावला सहित भाजपा के सभी पार्षद मौजूद रहे।
बैठक में जितेंद्र मल्होत्रा ने मेयर से साफ कहा कि 31 जुलाई की निगम सदन बैठक में पास किए गए टेबल एजेंडों को रद्द माना जाए और उनकी मिनिट्स को भी निरस्त किया जाए। संगठन मंत्री मंथरी श्रीनिवासुलु ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी इस तरह से एजेंडे पास कराने पर अड़ा रहता है तो भाजपा प्रशासक से मिलकर ऐसे अधिकारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की मांग करेगी।
इसके बाद मेयर सौरभ जोशी ने जारी बयान में कहा कि 31 जुलाई 2026 की बैठक में बिना उचित चर्चा के पास किए गए सभी टेबल एजेंडों पर वीरवार को दोबारा चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, पार्षदों और पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था कि बिना पूरी जानकारी और चर्चा के पास किए गए एजेंडे मान्य नहीं हैं। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को भी अवगत कराया जा चुका था।
मेयर ने बुधवार को जारी जनरल हाउस की कार्यवाही में इन टेबल एजेंडों को अब भी पास दिखाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सभी एजेंडों को पूरी जानकारी के साथ दोबारा सदन के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि पार्षदों को उन पर खुलकर चर्चा करने का अवसर मिल सके। चर्चा के बाद जरूरत होने पर ही इन्हें मंजूरी दी जाए।
मेयर ने स्पष्ट किया कि भाजपा विकास कार्यों या इन एजेंडों के खिलाफ नहीं है। विरोध केवल उस प्रक्रिया का है, जिसके तहत बिना पर्याप्त चर्चा के प्रस्ताव पास किए गए। उनका कहना है कि नगर निगम को पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से चलाने के लिए हर प्रस्ताव पर सदन में विस्तार से चर्चा जरूरी है।
वहीं, कांग्रेस की प्री हाउस बैठक नहीं हो सकी। आम आदमी पार्टी ने अपनी प्री हाउस बैठक में भी पिछले 16 टेबल एजेंडों को वीरवार की बैठक में चर्चा के लिए दोबारा रखने पर जोर दिया।