हरियाणा में कार्यरत डेढ़ हजार कर्मचारी नए साल से अपने कार्यालयों में दिखाई नहीं देंगे। सेवानिवृत्ति की आयु सीमा घटाने जाने के बाद 31 दिसंबर को डेढ़ हजार कर्मचारी रिटायर्ड हो रहे हैं। भाजपा सरकार ने पिछले माह ही कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 से घटाकर 58 साल कर दी थी।
इसके कारण 30 नवंबर को भी पांच हजार कर्मचारी रिटायर्ड हो गए थे। लेकिन इससे कार्यालयों में हुई कर्मचारियों की कमी को अभी तक पूरा करने का कोई प्रयास सरकार की ओर से नहीं किया गया है। लगातार रिटायर्ड हो रहे कर्मचारियों के कारण पहले से काम करने वाले कर्मचारियों पर बोझ बढ़ रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे सरकारी कार्यालयों का कामकाज प्रभावित होनी शुरू हो गया है।
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण दोगुना नुकसान हो रहा है। एक ओर पब्लिक डीलिंग से संबंधित सेवाएं प्रभावित होनी शुरू हो गई हैं, वहीं वर्तमान कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार कैसे प्रदेश के लोगों को संतुष्ट कर पाएगी।
आम लोगों को आ रही है दिक्कत
हालांकि सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र सीमा में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन बाकी कर्मचारियों की कमी से आम लोगों को परेशानी होने लगी है। कार्यालयों में पब्लिक डिलिंग की सीटों पर कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। कर्मचारी संगठन भी सरकार से खासे नाराज दिखाई दे रहे हैं।