प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला नियमों में बदलाव ने सैकड़ों युवाओं का कैरियर बनने से पहले ही दांव पर लगा दिया है।
पंजाब सरकार के 17 मार्च को जारी नोटिफिकेशन के तहत अब पंजाब से ही 12वीं ही नहीं 10वीं भी करने वाले विद्यार्थियों को ही 85 फीसदी सीटों पर दाखिले में रिजर्वेशन मिलेगा।
सरकार के इस फैसले ने इस साल चंडीगढ़ के विभिन्न स्कूलों से 12वीं कर रहे विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इससे अभिभावक भी खासे नाराज हैं।
उनका कहना है कि तीन साल पहले दसवीं चंडीगढ़ से करने वाले विद्यार्थियों के लिए तो पंजाब के मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
1500 स्टूडेंट कहां जाएं ?
जानकारी के अनुसार ट्राइसिटी में इस समय पंजाब से 12वीं कर रहे 1200 से 1500 के बीच विद्यार्थियों ने 10वीं क्लास तीन साल पहले चंडीगढ़ के विभिन्न प्राइवेट और सरकारी स्कूलों से की है। ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) के तहत ही पंजाब के कॉलेजों में दाखिला होता है। 31 दिसंबर 2013 तक टेस्ट के लिए आवेदन मांगे गए थे। विद्यार्थियों ने ऑप्शन में डोमिसाइल कैडर भी भर दिया, लेकिन पंजाब सरकार के इस फैसले ने 10वीं चंडीगढ़ और 12वीं पंजाब से करने वालों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।
1500 सीटों पर दाखिला
पंजाब के करीब 10 प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 1500 सीटों पर दाखिला होता है। नए नियम से तैयारी में जुटे विद्यार्थी अब पसोपेश में हैं। चंडीगढ़ की छात्रा प्रतिभा कहती हैं कि सरकार को कोई भी नया नियम बनाने से पहले विद्यार्थियों के कैरियर के बारे में सोचना चाहिए। पिछले साल बीडीएस में रैंक पाने वाले इशप्रीत ने इस बार बेहतर रैंक के लिए ड्रॉप करना बेहतर समझा, लेकिन नए नियम से उसके लिए भी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। नए नियम से चंडीगढ़ स्थित जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस की 100 और पीयू स्थित बीडीएस (डेंटल कालेज) की सौ सीटों पर दाखिले के लिए जबर्दस्त कंपीटीशन बढ़ जाएगा।
कोर्ट जाने की तैयारी में अभिभावक
पंजाब सरकार के फैसले से बच्चों के भविष्य को खराब होता देख 150 से अधिक अभिभावकों ने गार्डियन ऑफ मेडिकल एसपीरेंट्स फार्म तैयार कर लिया है। सभी अभिभावक इस मामले में अपने स्तर पर कदम उठाने के लिए कई मीटिंग कर चुके हैं। एक अभिभावक डॉ. यूपी सिंह ने कहा कि अगर मामले में सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो अगले 2-3 दिन में कोर्ट में जाने का विकल्प भी खुला है।
पंजाब सरकार के इस फैसले से राज्य के मेडिकल कालेज में दाखिलेे की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों को गहरा झटका लगा है। सरकार को एकदम से इस तरह नियम नहीं बदलने चाहिए थे। इससे कई होनहार विद्यार्थियों को पंसद के कॉलेज में दाखिला नहीं मिल सकेगा।
डॉ. संगीता खन्ना, डायरेक्टर केमिस्ट्री कोचिंग सर्किल, सेक्टर-24