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खतरे में लाखों बच्चों का बचपन, पंजाब-हरियाणा पर इस बीमारी का साया

Wed, 09 Oct 2019 03:21 AM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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देश के पहले राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण ने पंजाब-हरियाणा सहित देश के 30 राज्यों के शिशु व किशोरों के पोषण संबंधी एक रिपोर्ट जारी की है। सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि पंजाब के 5 से 9 साल की उम्र के 13.2 फीसदी बच्चे और 10 से 19 साल की उम्र के 14 फीसदी किशोर प्री-डायबिटीज की चपेट में हैं।

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हरियाणा की स्थिति थोड़ी ज्यादा खराब है। 5 से 9 साल की उम्र के करीब 23.8 फीसदी बच्चे और 10-19 साल के 24.8 फीसदी किशोर प्री-डायबिटिक पाए गए हैं। सर्वे के मुताबिक, इन बच्चों व किशोरों में एचबीएवनसी की मात्रा तय लिमिट से ज्यादा मिली है।

डायबिटीज के ठीक पहले की स्थिति को प्री-डायबिटीज कहा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ध्यान नहीं दिया गया तो अगले दो सालों में इनमें डायबिटीज होने की प्रबल संभावना है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किए गए सर्वे बताते हैं कि बच्चों को संपूर्ण पोषण नहीं मिल रहा है। इसका असर उनकी लंबाई पर भी पड़ रहा है। 

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सर्वे के मुताबिक पंजाब में पांच साल तक के 24.3 फीसदी बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से कम है, जबकि इसी एज ग्रुप के हरियाणा के 40 फीसदी बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के अनुसार कम पाई गई है। उम्र के अनुसार बच्चों का वजन भी चिंताजनक पाया गया है। पंजाब में पांच साल की उम्र के करीब 20 फीसदी बच्चे अंडरवेट हैं, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा 28.8 फीसदी है।

सही पोषण नहीं मिलने से बच्चे और किशोर एनिमिक भी हो रहे हैं। पंजाब में एक से चार साल की उम्र के करीब 40 फीसदी बच्चे और 10-19 वर्ष के 26 फीसदी किशोर एनिमिक मिले हैं। हरियाणा की स्थिति थोड़ी ज्यादा खराब है।

एक से चार साल की उम्र के करीब 48.3 फीसदी और 10-19 साल की उम्र के करीब 30 फीसदी किशोर एनिमिया से पीड़ित हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि एनिमिया होने का मतलब है कि बच्चों और किशारों का संपूर्ण विकास नहीं हो पाएगा। इससे उनकी कार्य और मानसिक क्षमता प्रभावित होने के आसार हैं।
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इंडिकेटर पंजाब हरियाणा  भारत
उम्र के हिसाब से लंबाई (अंडर-5)  24.3   34.9 34.7
उम्र के हिसाब से वजन (अंडर-5)  19.7 28.8 33.4
उम्र के हिसाब से लंबाई (अंडर 5-9) 12.3  16.4 21.9
एनिमिया (अंडर 1-4) 40 48.3  40.6
एनिमिया (अंडर 10-19)  25.9 30  28.4
प्री डायबिटीज का रिस्क (5-9) 13.2 23.8 9.2
प्री डायबिटीज का रिस्क (10-19)    9.5  24.8  9.5

जिनमें प्री-डायबिटीज का खतरा है, यदि उन लोगों ने अगले दो सालों में ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं किया तो वे डायबिटीज के चपेट में आए जाएंगे। यदि किसी स्टेट के 14 या 20 फीसदी किशोरों पर डायबिटीज का खतरा है तो यह खतरनाक स्थिति है। इसे गंभीरता से लेना होगा। -प्रो. संजय भदादा, एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट पीजीआई
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