सर्वे के मुताबिक पंजाब में पांच साल तक के 24.3 फीसदी बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से कम है, जबकि इसी एज ग्रुप के हरियाणा के 40 फीसदी बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के अनुसार कम पाई गई है। उम्र के अनुसार बच्चों का वजन भी चिंताजनक पाया गया है। पंजाब में पांच साल की उम्र के करीब 20 फीसदी बच्चे अंडरवेट हैं, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा 28.8 फीसदी है।
सही पोषण नहीं मिलने से बच्चे और किशोर एनिमिक भी हो रहे हैं। पंजाब में एक से चार साल की उम्र के करीब 40 फीसदी बच्चे और 10-19 वर्ष के 26 फीसदी किशोर एनिमिक मिले हैं। हरियाणा की स्थिति थोड़ी ज्यादा खराब है।
एक से चार साल की उम्र के करीब 48.3 फीसदी और 10-19 साल की उम्र के करीब 30 फीसदी किशोर एनिमिया से पीड़ित हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि एनिमिया होने का मतलब है कि बच्चों और किशारों का संपूर्ण विकास नहीं हो पाएगा। इससे उनकी कार्य और मानसिक क्षमता प्रभावित होने के आसार हैं।
| इंडिकेटर |
पंजाब |
हरियाणा |
भारत |
| उम्र के हिसाब से लंबाई (अंडर-5) |
24.3 |
34.9 |
34.7 |
| उम्र के हिसाब से वजन (अंडर-5) |
19.7 |
28.8 |
33.4 |
| उम्र के हिसाब से लंबाई (अंडर 5-9) |
12.3 |
16.4 |
21.9 |
| एनिमिया (अंडर 1-4) |
40 |
48.3 |
40.6 |
| एनिमिया (अंडर 10-19) |
25.9 |
30 |
28.4 |
| प्री डायबिटीज का रिस्क (5-9) |
13.2 |
23.8 |
9.2 |
| प्री डायबिटीज का रिस्क (10-19) |
9.5 |
24.8 |
9.5 |
जिनमें प्री-डायबिटीज का खतरा है, यदि उन लोगों ने अगले दो सालों में ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं किया तो वे डायबिटीज के चपेट में आए जाएंगे। यदि किसी स्टेट के 14 या 20 फीसदी किशोरों पर डायबिटीज का खतरा है तो यह खतरनाक स्थिति है। इसे गंभीरता से लेना होगा।
-प्रो. संजय भदादा, एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट पीजीआई