पाकिस्तान में अति गरीबी की रेखा के नीचे रहने वाले इन हिंदू परिवारों के साथ आए विष्णु कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सभी 25 दिन के वीजा पर आए हैं लेकिन वह पाकिस्तान लौटना नहीं चाहते। उनके रिश्तेदार राजस्थान में रहते हैं, उनका परिवार इनके साथ रहना चाहता है। विष्णु के अनुसार पाकिस्तान रेंजर ने वाघा सीमा पर उन्हें कई घंटे रोके रखा, जिस कारण वह देरी से भारत पहुंचे।
प्रशासन अगर रात में रहने का इंतजाम कर देता तो अच्छी बात थी। उनकी बचपन से इच्छा है कि वह भारत में रहे। पाकिस्तान के हिंदू भारत में ही रहना चाहते हैं। भारत सरकार पाकिस्तानी हिंदुओं को सभी सुविधा उपलब्ध कराए तो पाकिस्तान में बचे सभी हिंदू यही बसना चाहेंगे।
रहीम यार खान से आए पहवान नामक व्यक्ति ने कहा की वह भारत में रहने के लिए आए हैं। सिंध में बसे हिंदुओं की हालात ठीक नहीं है। वहां धर्म परिवर्तन की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। वहां का हिंदू सहमा हुआ है। अधिकांश हिंदुओं का कहना था कि वह हरिद्वार नहीं राजस्थान में अपने रिश्तेदारों के यहां जाएंगे। बाद में शुक्रवार सुबह ये हिंदू परिवार बसों में बैठकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।