हरियाणा सरकार की ओर से बुढ़ापा पेंशन में की गई 200 रुपये की बढ़ोतरी एक जनवरी से लागू होगी। फरवरी माह से पेंशन धारकों को इसका भुगतान शुरू हो जाएगा। इस तरह लाभार्थियों को अब एक हजार की बजाय 1200 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन मिलेगी। इस फैसले से सरकार को पांच साल के दौरान 8580 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
बीते विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन हुड्डा सरकार ने सता में लौटने पर यह पेंशन 1500 रुपये करने की घोषणा की थी लेकिन भाजपा सरकार ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इस पेंशन को हर साल 200 रुपये बढ़ाने का फैसला किया है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में यह पेंशन 2000 रुपये प्रति माह करने की बात कही थी।
अब हरियाणा सरकार की ओर से पेंशनधारकों को बैंक खाता खुलवाने के लिए कहा जा रहा है ताकि अगले साल लाभार्थियों के बैंक खाते में ही सीधे पेंशन की राशि पहुंच सके। उल्लेखनीय है कि बढ़ी हुई पेंशन का यह पहला वित्तीय फैसला है जो नई सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से नए साल में लागू किया जा रहा है।
इस बीच सरकार ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है जिन्होंने फरजी लोगों को भी पेंशन धारक बनाया हुआ है। ऐसे अधिकारियों की रिपोर्ट अगले साल सरकार के पास पहुंचेगी।
पांच साल में पेंशन के लिए चाहिए 8580 करोड़ रुपये
पेंशन में हर साल 200 रुपये मासिक वृद्धि करने से पांच साल के दौरान सरकार द्वारा 8,580 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि खर्च किए जाएंगे। इस वृद्धि से 22 लाख 37 हजार 512 लोगों को फायदा मिलेगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कविता जैन का कहना है कि सरकार द्वारा इस समय विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत दी जाने वाली प्रतिमाह पेंशन और भत्ता राशि पर 221 करोड़ रुपये प्रतिमाह की राशि खर्च की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के अंतर्गत 13 लाख 68 हजार 455, नि:शक्त पेंशन योजना के तहत 1 लाख 38 हजार 565, विधवा एवं बेसहारा महिलाओं पेंशन योजना के तहत 5 लाख 89 हजार 819 और लाडली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 26 हजार 197 लोगों को पेंशन दी जा रही है।