कटासराज रवाना हुए 24 तीर्थयात्री
कार्यक्रम के दौरान कोई पाकिस्तानी अधिकारी या नेता मिला तो वह कोशिश करेंगे कि वहां बसे सिखों की सुरक्षा को लेकर बातचीत की जाए। अल्पसंख्यकों के हितों की बात जरूर की जाएगी। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बताया कि इस यात्रा के दौरान वह श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब, श्री गुरुद्वारा करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा श्री रूडी साहिब व गुरुद्वारा श्री डेरा साहिब लाहौर के दर्शन भी करेंगे। वह वफद के साथ 25 फरवरी को वापस वतन लौटेंगे।
हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कटासराज रवाना हुए 24 तीर्थ यात्री
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पाकिस्तान के चकवाल में स्थित हिंदू तीर्थस्थल कटासराज में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने 24 हिंदू तीर्थ यात्रियों का एक शिष्टमंडल अटारी सीमा से पाकिस्तान रवाना हो गया। हर हर महादेव व बम-बम भोले के जयघोष के बीच श्री दुर्ग्याणा तीर्थ से अटारी सड़क सीमा की तरफ रवाना हुए, इन यात्रियों की अगुवाई प्रतिनिधि सभा पंजाब के मुखिया सुनील खन्ना कर रहे हैं।
सभी श्रद्धालुओं के हाथ में लाल रंग की ध्वजा भी थी। इस जत्थे में एक सिख भी शामिल था। कटासराज जा रही लखनऊ निवासी अलका रानी सिंह ने बताया कि वह पहली बार कटासराज जा रहीं हैं। वहां के हालत कैसे भी हो बाबा भोले के दर्शन के लिए कटासराज जाने के लिए उनके भीतर कोई भी डर नहीं है। बाबा भोले ही उनके रक्षक हैं।
दिल्ली से आए एक यात्री आरती पंथ ने बताया की कटासराज यात्रा के लिए पाकिस्तान सरकार ने 200 हिंदुओं के लिए वीजा जारी किया था। इससे पहले श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने यात्रियों को सम्मनित किया। कटासराज जाने के लिए देश के अलग-अलग स्थानों से यात्री मंगलवार को ही श्री दुर्ग्याणा तीर्थ पहुंचने शुरू हो गए थे। तीर्थ के प्रबंधकों ने इन यात्रियों के रात ठहरने व भोजन की भी व्यवस्था की थी। सात दिन के बाद यह जत्था लौट आएगा।