आखिरकार 110 साल की उम्रदराज महिला शांति देवी दुनिया से विदा हो गईं। उन्होंने अपने घर में अपने पूरे परिवार के सामने आखिरी सांस ली। हरियाणा के रोहतक जिले के इंदरगढ़ गांव में जिले की सबसे उम्रदराज महिला दुनिया छोड़ गईं।
माना जा रहा है कि वे देश की सबसे उम्रदराज महिलाओं में से एक थीं। शांति देवी देश को आजाद कराने वाले शाहिद भगत सिंह से उम्र में बड़ी थीं। दो मई 1907 को भिवानी में जन्मी शांति देवी की शादी रोहतक जिले के चांदी गांव में हुई थी। 1947 के बंटवारे के समय हुई मारकाट के बाद उनका परिवार इंद्रगढ़ आकर बस गया।
शांति देवी का 46 सदस्यों का भरा पूरा परिवार रहा है। शांति देवी ने 7 बच्चों को जन्म दिया, जिसमें 6 लड़के और 1 लड़की थी। 11 पोते, 12 पोतियां, 8 पड़पोते और 8 पड़पोतियां हैं। परिजनों का कहना है कि 100 साल की होने के बाद उनके दांत फिर से निकलने शुरू हो गए थे।
बाल काले होने शुरू हो गए थे व आंखों की रोशनी भी दुरुस्त होनी शुरू हो गई थी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत इंदरगढ़ गांव के सरकारी स्कूल में शांति देवी 2 साल पहले 15 अगस्त को तिरंगा फहराया था।