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Chandigarh: पीजीआई के 38वें दीक्षांत समारोह में 107 मेधावियों को मेडल, 1547 छात्रों को मिली डिग्री

Sun, 06 Oct 2024 11:46 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ पीजीआई के 38वें दीक्षांत समारोह में लड़कियां सुनहरे बॉर्डर वाली क्रीम रंग की साड़ी पहनकर आईं। इसके रंग का निर्धारण उनके कोर्स के अनुसार किया गया है। यह दीक्षांत समारोह मुख्य रूप से पैरामेडिकल छात्रों के लिए आयोजित किया गया है।
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चंडीगढ़ पीजीआई का 38वां दीक्षांत समारोह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई में रविवार को 38वां दीक्षांत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य विनोद के पॉल ने 107 मेधावियों को मेडल और 1547 छात्रों को डिग्री प्रदान की। इस बार के दीक्षांत में पीजीआई में पहली बार छात्र-छात्राएं भारतीय परिधान में शामिल हुए। लड़के भूरे रंग के जूते के साथ क्रीम कलर का कुर्ता-पायजामा पहन कर आए।

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वहीं, लड़कियां सुनहरे बॉर्डर वाली क्रीम रंग की साड़ी पहनकर आईं। इसके रंग का निर्धारण उनके कोर्स के अनुसार किया गया है। यह दीक्षांत समारोह मुख्य रूप से पैरामेडिकल छात्रों के लिए आयोजित किया गया है। इसमें डीएम, एमसीएच, पीएचडी, एमडी, एमएस, एमपीएच और एमडीएस के छात्र डिग्री प्राप्त की।

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अलग-अलग रंग के उत्तरियम
पीजीआई प्रशासन ने अलग-अलग डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को चिन्हित करने के लिए उनके कोर्स के हिसाब से विशेष प्रकार व विशेष रंग वाले उत्तरियम तय किए हैं। इसमें डीएम, एमसीएच और पीएचडी के लिए पीला रंग, एमडी, एमएस, एमपीएच, एमडीएस के लिए बैगनी रंग और एमएससी और बीएससी के लिए क्रमशः इंडिगो ब्लू और बॉटल ग्रीन रंग तय किया गया है।



भारतीय परंपरा वाले वस्त्र की प्रधानता का आदेश
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 23 अगस्त को एक आदेश जारी किया था। इसमें औपनिवेशिक वस्त्र और टोपी को हटाकर दीक्षांत समारोह के लिए भारतीय संस्कृति और परंपरा आधारित वस्त्र अपनाने का आदेश दिया गया था। इस आदेश को देश के राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों, जिसमें पीजीआई, एम्स नई दिल्ली, जेआईपीएमईआर पांडिचेरी और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान बंगलूरू जैसे संस्थान में लागू किया जाना था। आदेश में इस बात पर जोर दिया गया था कि दीक्षांत समारोह के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले काले गाउन और टोपी को बदलने की जरूरत है।
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