सीएम ने बताया कि पंजाब पुलिस जल्द 3100 विशेष पुलिस अफसरों और डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती करेगी, जो लॉ, फॉरेंसिक, डिजिटल फॉरेंसिक, सूचना प्रौद्योगिकी, डाटा माइनिंग, साइबर सुरक्षा, खुफिया अध्ययन, मानव संसाधन प्रबंधन और विकास एवं सड़क सुरक्षा योजना और इंजीनियरिंग से संबंधित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब डोमेन विशेषज्ञों की सेवाएं हासिल करने वाला देश का पहला राज्य होगा।
साइबर, वित्तीय व क्राइम जासूसी में नियुक्त होंगे 1350 आईटी विशेषज्ञ
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि डोमेन विशेषज्ञों में तकरीबन 600 लॉ ग्रेजुएट, 450 क्राइम सीन जांचकर्ता, कानून, कॉमर्स, डेटा माइनिंग, डेटा एनॉलिसिस में तजुर्बे और विशेष योग्यता वाले 1350 आईटी विशेषज्ञ शामिल होंगे। इन्हें साइबर, वित्तीय व कत्ल के मामलों में जासूसी, सेक्स हमले और दुराचार के मामलों में जासूसी के लिए लगाया जाएगा।
पंजाब सरकार राज्य के सभी जिलों में फैमिली काउंसलिंग सेंटरों और महिला हेल्प डेस्क पर तैनाती के लिए करीब 460 शिक्षित व योग्यता प्राप्त काउंसलर, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और विकटिम सपोर्ट अफसरों की भी भर्ती करेगी।
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस में 3400 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती भी की जाएगी। ज्यादातर सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल रैंक पर भर्ती होने वाली ये मुलाजिम पंजाब पुलिस में 10 हजार मुलाजिमों को भर्ती करने के लिए चलाई मुहिम का ही हिस्सा होंगी।
गुप्ता ने कहा कि इससे कुल भर्ती में महिलाओं को 33 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पंजाब सरकार की वचनबद्धता भी पूरी होगी। इन पुलिस मुलाजिमों में 300 महिलाओं को सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती किया जाएगा, जबकि 3100 को कांस्टेबल के तौर पर सेवा करने का मौका मिलेगा।
डीजीपी ने कहा कि एक बार इन महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति होने और साल 2021 की दूसरी या तीसरी तिमाही में इनके पंजाब पुलिस का हिस्सा बनने के बाद राज्य के 382 थानों में से प्रत्येक को पुलिस स्टेशन लॉ अफसर और कम्यूनिटी एंड विक्टिम सपोर्ट अफसर (पीड़ित सहयोगी अधिकारी) मिल जाएंगे। इसी तरह सरहदी थानों समेत पंजाब के 170 बड़े थानों में फॉरेंसिक अफसर और क्राइम डेटा ऐनालिस्ट तैनात होंगे।
इसके अलावा राज्य में 100 सब डिवीजनों में से प्रत्येक में साइबर क्राइम डिटेक्टिव भी लगाए जाएंगे। राज्य के तीन पुलिस कमिश्नरेट और शहरी जिलों में फैमिली काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने और विवाह एवं पारिवारिक झगड़े के मामलों का जल्द हल निकलने के लिए राज्य के सभी 382 थानों में वुमन हेल्प डेस्क जल्द ही कार्यशील होंगे।