दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के अंतर्गत आने वाले सेंट स्टीफंस और जीसस एंड मैरी कॉलेज में दाखिले लेने के इच्छुक छात्रों को दो बार आवेदन करना होगा। बुधवार को डीयू दाखिला समिति की बैठक में फिर दोनों अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त कॉलेज में आवेदन की प्रक्रिया बदली गई है।
हालांकि, अभी तक इस पर डीयू कुलपति की अंतिम मुहर नहीं लगी है। बैठक में स्पोर्ट्स ट्रायल को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब कॉलेज वाइज ट्रायल के बजाये इसके लिए कॉलेजों का क्लस्टर बनाया जाएगा।
बीते तीन दिनों में दाखिला समिति की दूसरी बैठक है। इसमें फिर सेंट स्टीफंस व जीसस एंड मैरी कॉलेज की दाखिला प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। दोनों कॉलेज बीते साल तक अपने यहां पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए अलग से आवेदन लेते थे।
बीते सोमवार को हुई बैठक मेें यह तय हुआ था कि दोनों कॉलेज का आवेदन भी दूसरे कॉलेजों की ही तरह डीयू के सेंट्रलाइज्ड फॉर्म से होगा। दोनों कॉलेजों ने इसका विरोध जताया। जिसे लेकर बुधवार को दोबारा दाखिला समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई।
अब डीयू ने कहा है कि कॉलेज को आवेदन लेने का अधिकार मिलेगा। बशर्ते छात्र को पहले डीयू के सेंट्रलाइज्ड फॉर्म से आवेदन करना होगा फिर वहां से मिले एप्लीकेशन नंबर के आधार पर दोनों कॉलेज में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को अलग-अलग जाकर दोनों कॉलेज में फिर से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अपना कटऑफ निकालने का अधिकार दोनों कॉलेजों को पहले से मिलता रहेगा।
बैठक में स्पोर्ट्स ट्रायल को लेकर भी बदलाव किया गया है। बीते साल तक स्पोर्ट्स ट्रायल एक जगह ही लिया गया था। पिछली बैठकों में इसे कॉलेज वाइज कराने को लेकर मंजूरी दी गई, मगर कुलपति ने इस पर आपत्ति जताई।
जिसके बाद अब बीच का रास्ता निकाला गया है। स्पोर्ट्स ट्रायल कॉलेज वाइज या एक साथ एक जगह लेने के बजाये कॉलेजों को अलग-अलग क्लस्टर में बांटा जाएगा। उसके लिहाज से अलग-अलग ट्रायल लिया जाएगा। जिस कॉलेज में जो स्पोर्ट्स की फैसिलिटी होगी, वहां उसका ट्रायल लिया जाएगा। यह जिम्मेदारी डीयू की स्पोर्ट्स स्पोट्र्स काउंसिल को दी गई है।