निजी स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इन स्कूलों द्वारा हरियाणा शिक्षा नियम-134ए के तहत आरक्षित सीटों की जानकारी नहीं दी है। जिन स्कूलों ने जानकारी दी है, वो भी आधी अधूरी है।
आधी अधूरी जानकारी के साथ आठ दिन देरी से मंगलवार को खंड स्तरीय सूची जारी की गई है। अधिकांश बड़े स्कूलों के नाम इस सूची से गायब हैं। देखना है कि अब शिक्षा विभाग इन पर क्या कार्रवाई करता है?
दरअसल, शिक्षा नियमावली 134 ए के तहत कक्षा दूसरी से 12वीं तक सभी स्कूलों में दस फीसदी सीटें आरक्षित करने को कहा गया है। इसके लिए सभी स्कूलों को सूचित कर कहा गया था कि वो इसकी सूचना शिक्षा विभाग को दें और इसकी जानकारी सार्वजनिक भी करें, इन आदेशों के बावजूद केवल 52 स्कूलों की लिस्ट ही जारी की है।
बकि 40 से ज्यादा स्कूलों की लिस्ट जारी नहीं हुई है। जारी की गई स्कूलों की लिस्ट में भी सभी कक्षाओं का ब्यौरा नहीं है। कई स्कूलों ने 2 या 3 कक्षाओं की सीटों की जानकारी दी है।
दाखिला को लेकर इस बार फिर शिक्षा विभाग और निजी स्कूल प्रबंधकों के बीच टकराव की स्थिति हो सकती है।
हालांकि शिक्षा मुख्यालय ने इस बार पहली से आठवीं तक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और नौवीं से 12वीं तक जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेवारी लगाई है। इसके बावजदू निजी स्कूल अभी से आनाकानी कर रहे हैं।
इस मामले में अभी तक कोई भी स्कूल प्रबंधक कुछ भी कहने से बच रहा है। अभिभावक एकता मंच के सचिव का कहना है जब शिक्षा विभाग डाटा नहीं ले पा रहा है वो दाखिला कैसे करा पाएगा?
खंड शिक्षा अधिकारी इंदु बोकन का कहना है कि जितने स्कूलों ने ब्योरा दिया है उतने स्कूलों की लिस्ट जारी कर दी गई है, अन्य स्कूलों ने सीटों की जानकारी दी ही नहीं है तो उनकी लिस्ट कैसे जारी कर सकते हैं। इस बारे में उच्च अधिकारी को बताया जाएगा।