इंजीनियरिंग के साथ बीटेक के छात्र फॉरेन लैंग्वेज में दक्ष होंगे
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इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स अब फर्राटेदार फ्रेंच भी बोलेंगे। हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स को फॉरेन लैंग्वेज भी पढ़ाएगी। साथ ही यूनिवर्सिटी अपने पाठ्यक्रम को इंडस्ट्री से जोड़ेगी।
यूनिवर्सिटी ने दोनों महत्वपूर्ण फैसले प्रदेश के 43 महाविद्यालयों में लागू करने को प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यूनिवर्सिटी के इस फैसले से प्रदेश के 43 महाविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी सौगात मिलेगी।
इससे पहले तकनीकी विवि ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को महाविद्यालयों में लागू कर एक नई पहल की है। विद्यार्थियों को अंकों की बजाय ग्रेडिंग दी जाती है। सीबीसीएस के बाद अकादमिक ब्रांच का यह बड़ा फैसला है।
इंजीनियरिंग के साथ बीटेक के छात्र फॉरेन लैंग्वेज में दक्ष होंगे। इंडस्ट्री की डिमांड पर पाठ्यक्रम तैयार करने से युवा वर्ग शिक्षा हासिल करने के बाद देश के नामी उद्योगों में स्वरोजगार भी हासिल कर सकते हैं।
तकनीकी विवि शीघ्र इन दोनों प्रस्तावों को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में लाएगी। यहां प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद इसे बोर्ड ऑफ अकादमिक काउंसिल और बोर्ड ऑफ गवर्निंग बॉडी की बैठक में लाया जाएगा। तीन बैठकों में सैद्धांतिक मंजूरी के बाद इसे महाविद्यालयों में लागू किया जाएगा।
तकनीकी विवि अब इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को फॉरेंन लैंग्वेज भी पढ़ाएगी। साथ ही यूनिवर्सिटी अपने पाठ्यक्रम को इंडस्ट्री से भी जोड़ेगी। विवि ने दोनों महत्वपूर्ण फैसलों को प्रदेश के महाविद्यालयों में लागू करने को प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है।- डा. एनएन शर्मा, डीन अकादमिक, तकनीकी विवि