मेवाड़ यूनिवर्सिटी में दशमोत्तर छात्रवृत्ति बांटने में हुए फर्जीवाड़े के बाद समाज कल्याण विभाग सतर्क हो गया है। राज्य के बाहर अध्ययनरत छात्रों को अब बिना आधार कार्ड की प्रति दिए छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। बिना आधार कार्ड नंबर के छात्र अब ऑनलाइन आवेदन भी नहीं कर सकेंगे। विभाग ऐसे आवेदनों को स्वीकार नहीं करेगा। समाज कल्याण निदेशक ने समाज कल्याण अधिकारियों को आदेशित कर दिया है।
राज्य के अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रदेश से बाहर अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को कई संस्थाओं/विभागों से विभिन्न कोर्सों के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही थी। छात्रवृत्ति में गड़बड़ी की समाज कल्याण निदेशालय को काफी शिकायतें मिली हैं।
आधार नंबर अनिवार्य
समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने छात्रवृत्ति के आवेदन पत्रों पर आधार नंबर को अनिवार्य कर दिया है। विभाग अपने सॉफ्टवेयर में भी बदलाव कर रहा है।
छात्र/छात्राओं की ओर से एक से अधिक कोर्स/संस्था/विभाग से आवेदन करने पर पकड़ लिया जाएगा। छात्रवृत्ति वितरित करने वाले समस्त विभाग अल्पसंख्यक, जनजाति विभाग के मामलों में व्यवस्था लागू की जा रही है। धानिक ने बताया कि बिना आधार कार्ड नंबर के आनलाइन आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।