पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित डॉ.एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड कॉलेज में चल रहे एमडी कोर्स को हेल्थ मिनिस्ट्री और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने रद्द कर दिया है। पंजाब यूनिवर्सिटी ने हेल्थ मिनिस्ट्री के फैसले के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायिका दायर की थी। लेकिन पीयू को हाईकोर्ट से मामले में मुंह की खानी पड़ी है। अब 2016 सत्र से 6 एमडी कोर्स में होने वाले दाखिलों पर प्रश्न चिन्ह लग चुका है।
पीयू प्रशासन इसी हफ्ते हाईकोर्ट की एकल बेंच के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में जाने की तैयारी में है। इस संबंध में वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर और रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्ढा और अन्य अधिकारियों की मीटिंग हुई है। सूत्रों के अनुसार पीयू प्रशासन अब पीएलए फाइल करेगा। अगर पीयू को यहां से भी राहत नहीं मिली तो पीयू प्रशासन सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि पीयू डेंटल कालेज में 2015 में शुरू किए गए पांच एमडी कोर्स और दो नए कोर्स को हेल्थ मिनिस्ट्री और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने मान्यता देने से मना कर दिया है। तीन बार डेंटल कॉलेज में एमडी कोर्स को डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया और हेल्थ मिनिस्ट्री ने नकार दिया है। इस मामले को लेकर पीयू के सहयोग से एमडी कोर्स कर रहे 9 विद्यार्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन कोर्ट से पीयू और एमडी स्टूडेंट को कोई राहत नहीं मिली।
रेगुलर प्रिंसिपल पर अड़ा मामला पीयू स्थित डेंटल कालेज का मामला लंबे समय से अड़ा हुआ है। कभी डेंटल कालेज में रेगुलर फैकल्टी की दिक्कत तो कभी रेगुलर प्रिंसिपल डायरेक्टर का पद नहीं भरने का मामला उठता रहा है।
सूत्रों के अनुसार हेल्थ मिनिस्ट्री ने एमडी कोर्स के लिए डेंटल कालेज में स्थायी प्रिंसिपल-डायरेक्टर की नियुक्ति संबंधी पत्र 28 फरवरी तक जमा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन पीयू प्रशासन ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आखिर में मिनिस्ट्री ने डेंटल कालेज के नए कोर्स को मान्यता देने से मना करता हुए मौजूदा कोर्स में भी अगले सत्र से दाखिला न देने का निर्देश दिया है।
डॉ. आशीष जैन, प्रिंसिपल-डायरेक्टर पीयू डेंटल कॉलेज ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के लिए खिलाफ पीयू प्रशासन अपने स्तर पर तैयारी कर रहा है। इस संबंध में अभी मैं कुछ नहीं कह सकता।