हालातों के हाथों हारकर पढ़ाई से दूर होने जा रही होनहार बिटिया का भविष्य बनाने के लिए देहरादून के युवाओं ने अलग पहल की है।
देहरादून के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट(आईएचएम) के छात्रों ने अपनी पॉकेटमनी और शिक्षकों के सहयोग से इस बिटिया को गोद ले लिया। अब वह एक नामी स्कूल में बिटिया को पढ़ाकर, उसकी हर महीने की फीस भरते हैं। छात्रों का यह तरीका आज के युवाओं के लिए मिसाल है।
देहरादून निवासी अपर्णा रावत के पिता साथ नहीं हैं। माता घर पर ही रहकर बिटिया को पढ़ा तो रही थी लेकिन आर्थिक हालात बदतर होने की वजह से अंकिता की पढ़ाई छूटने वाली थी। मां किसी तरह एक छोटे स्कूल में केयर टेकर की नौकरी करके घर का खर्च चला रही है।
पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही अपर्णा
जगदीप खन्ना, डायरेक्टर, आईएचएम देहरादून
इस बीच देहरादून के आईएचएम इंस्टीट्यूट के छात्रों ने पांचवीं में पढ़ रही इस बिटिया का भविष्य बनाने का जिम्मा उठा लिया। उन्होंने अपर्णा को गोद ले लिया है। अब वह हर महीने अपनी पॉकेट मनी से और शिक्षकों से पैसा इकट्ठा करके अपर्णा की हर महीने की फीस और किताबों का खर्च वहन करते हैं।
खास बात यह है कि आर्थिक और पारिवारिक हालात बदतर होने के बावजूद अपर्णा पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही है। चौथी कक्षा तक अंकिता क्लास में अव्वल आई है। उसकी इसी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों ने उसकी पूरी पढ़ाई का खर्च ताउम्र उठाने का बीड़ा उठाया है।
हमारे बच्चों ने संस्थान के वार्षिकोत्सव पर इस बिटिया को गोद लिया था। अब एक नामी स्कूल में वह अपनी पढ़ाई कर रही है। छात्र हर महीने दस से 50 रुपये तक का डोनेशन इकट्ठा करते हैं। शिक्षक भी अपनी जेब से कुछ आर्थिक सहायता देते हैं। हम सबका एक ही लक्ष्य है कि यह बिटिया अपने सपनों की उड़ान पूरी कर सके।
- जगदीप खन्ना, डायरेक्टर, आईएचएम देहरादून