आर्मी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसीएमएस) में दाखिले के 100 फीसदी सीटें आर्मी में कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त कर्मियों के बच्चों के लिए सुरक्षित होने के मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने अपने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि किस आधार पर कानून बनाकर आर्मी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 100 फीसदी सीट आर्मी कर्मियों के बच्चों के लिए सुरक्षित रखने का फैसला लिया गया था।
इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों की मानें तो सरकार शीला सरकार के फैसले पर पुनर्विचार कर रही है। वर्तमान सरकार चाहती है कि आर्मी मेडिकल कॉलेज में आम छात्रों के दाखिले का भी रास्ता साफ हो।
दरअसल दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने दिल्ली हाईकोर्ट में एसीएमएस प्रबंधन के लिए खिलाफ याचिका दायर की है। एसीएमएस निजी संस्थान है और इसमें एमबीबीएस की 100 सीटें हैं। इसका प्रबंधन आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी द्वारा किया जाता है। रक्षा मंत्रालय की ओर से आर्मी अस्पताल को 25 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी।