महामारी की दूसरी लहर के बाद तेजी से सुधार की ओर बढ़ती अर्थव्यवस्था में रोजगार के मौके भी खुलने लगे हैं। नौकरियां बढ़ने से अगस्त में न सिर्फ सेवा क्षेत्र में तीन महीने से जारी गिरावट का सिलसिला थमा, बल्कि 18 महीनों की सबसे तेज वृद्धि भी दिखी है।
आईएसएच मार्किट ने मासिक सर्वे में शुक्रवार को बताया कि कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने से मांग और उत्पादन बढ़ा है। इसका सीधा असर सेवा क्षेत्र पर भी दिखा। अगस्त में सेवा क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स बढ़कर 56.7 पहुंच गया।
पिछले साल की समान अवधि में यह 41.8 रहा था। इससे पहले सेवा क्षेत्र का सर्वाधिक पीएमआई फरवरी, 2020 में 57.4 था। पिछले साल मार्च में कोविड-19 महामारी आने के बाद से सेवा क्षेत्र में सबसे तेज विस्तार दिखा है।
आईएचएस मार्किट के मुताबिक, 2021-22 में अब तक सिर्फ अप्रैल में ही सेवा क्षेत्र में विस्तार दिखा, जबकि पिछले तीन महीने से लगातार गिरावट जारी है। पीएमआई का 50 से ज्यादा रहना वृद्धि और इससे नीचे का आंकड़ा गिरावट को दिखाता है। तीसरी लहर नहीं आती है, तो दूसरी तिमाही में रोजगार और बढ़ेगा।
कंपनियों की लागत 4 महीने के शीर्ष पर
सेवा प्रदाताओं का कहना है कि ईंधन व कच्चे माल की उच्च कीमतों ने उनका खर्च बढ़ा दिया। उत्पादन पर असर से श्रम बाजार में भी कमजोरी आई आैर लगातार 9वें महीने नौकरियों में कमी रही। इसके कारण सेवा प्रदाताओं ने अगस्त में भी छंटनी की। हालांकि, छंटनी की दर जनवरी, 2021 के बाद से सबसे कम रही है।
आईएचएस मार्किट की एसोसिएट निदेशक (अर्थशास्त्र) पॉलियाना डी लीमा का कहना है कि टीकाकरण में तेजी से ग्राहकों के भरोसे में सुधार हुआ है। बाजार में चहल-पहल बढ़ने से मांग में भी सुधार हुआ है, जिसके दम पर सेवा क्षेत्र ने अगस्त में वापसी की है।
इसके अलावा, सेवा प्रदाताओं को दिए गए नए ऑर्डर में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे तीन महीने की गिरावट का सिलसिला खत्म हो गया। कुल मिलाकर नए ऑर्डर जनवरी, 2013 के बाद सबसे तेजी से बढ़े हैं।