रेल मंत्रालय में फ्लेक्सी फेयर को वापस लेने की जोर-आजमाईश शुरू हो गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सिर्फ मुनाफे के लिए नकारात्मक छवि से समझौता नहीं किया जा सकता है। बता दें कि राजधानी, दुरंतो, शताब्दी ट्रेन में रेलवे ने फ्लेक्सी फेयर की शुरुआत की है।
इससे रेलवे को करीब छह सौ करोड़ रुपये का मुनाफा भी हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी जबरदस्त शिकायत मिल रही है। हालांकि रेलवे बोर्ड के कई अधिकारियों की दलील है कि फ्लेक्सी फेयर लगाने के बावजूद कई रूट पर ट्रेनों में यात्रियों की कमी नहीं है।
रेलवे की बिगड़ती इमेज को सुधारना जरूरी
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड अध्यक्ष का पहले एजेंडे में रेलवे की छवि सुधारनी है। इसे लेकर फ्लेक्सी फेयर की फाइल पर चर्चा शुरू हो गई है। इसके नुकसान व फायदे पर विचार किया जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से जल्द ही इसपर मशवरा लेकर फ्लैक्सी फेयर को वापस लिया जा सकता है।
खाने का स्तर सुधारने पर भी जोर
जल्द ही ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता की भी परखा लोहानी करेंगे। खान-पान की गुणवत्ता को लेकर खराब हो रही छवि को भी बेहतर करेंगे। उधर, यह भी चर्चा है कि लगातार हो रही दुर्घटनों को लेकर लोहानी काफी संजीदा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार ट्रैक निरीक्षण के लिए जापान के सुरक्षा एक्सपर्ट को बुलाया जाएगा। दुर्घटना वाले क्षेत्रों का जापान के एक्सपर्ट निरीक्षण करेंगे।