पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के विशेष वकील हितेन वेनेगांवकर ने बीते मंगलवार को पीएमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ईडी के वकील ने पीएमएलए कोर्ट के जज एमएस आजमी से नीरव मोदी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने की मांग की थी।
प्रवर्तन निदेशालय के विशेष वकील ने अदालत को बताया कि विगत 15 फरवरी को ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। तब से लेकर अब तक उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए तीन समन जारी किए जा चुके हैं।
यह समन 15, 17 व 22 फरवरी को उनके कर्मचारियों के पते पर भेजने के साथ ही ईमेल पर भी भेजे गए थे और हाजिर होने को कहा गया था। फिर भी नीरव मोदी पेश नहीं हुए। इसलिए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की जरूरत है।
वारंट को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे नीरव के वकील
पीएमएलए कोर्ट की ओर से गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा है कि वह इसे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। अग्रवाल ने कहा कि पीएमएलए कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए गंभीरता से विचार कर रहे हैं। फैसले के अध्ययन के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा क्योंकि हमें ईडी की ओर से दाखिल किए गए आवेदन की प्रति भी नहीं मिली है।
गौरतलब है कि पीएनबी ने नीरव मोदी के एक और फ्राड का ट्रांजेक्शन का पता लगाया है जो 1322 करोड़ रुपये का है। इससे अब पीएनबी घोटाला 12,622 करोड़ हो गया है।