बजट 2019 में शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने होम लोन पर मिलने वाली ब्याज छूट को दो लाख से बढ़ाकर के 3.50 लाख रुपये कर दिया था। हालांकि यह एक स्वागत योग्य कदम कहा जा सकता है, लेकिन इसका पूरा फायदा होम लोन लेने वाले ग्राहकों को नहीं मिलेगा। इसके लिए कई सारे कारण हैं, जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
यह है दिक्कत
अक्सर होम लेने के शुरुआती सालों में सबसे ज्यादा पैसा ब्याज के तौर पर देना पड़ता है। इसमें मूल धन काफी कम होता है। होम लोन खत्म होने के आखिरी पांच सालों में ही मूल धन ज्यादा और ब्याज कम देना पड़ता है। अब वित्त मंत्री ने जो घोषणा की है वो अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में घर लेने वालों के लिए है। मतलब अगर आपने 45 लाख का घर खरीदा है और 15 साल का समय है तभी आपको इसका फायदा मिलेगा।
पहले यह था नियम
इससे पहले घर खरीदार को आयकर कानून के सेक्शन 24बी के तहत प्रत्येक साल ब्याज पर दो लाख रुपये की छूट मिलती थी। अब सेक्शन 80ईईए के तहत 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी। इसका मतलब घर खरीदार को 3.5 लाख रुपये की हर साल बचत होगी। लेकिन इसके लिए घर की कीमत 45 लाख से ज्यादा न हो।
नहीं मिलेगा फायदा
मान लीजिए आप 45 लाख का एक घर खरीदते हैं और इस घर पर 90 फीसदी लोन लेते हैं। अब लोन की राशि 40.5 लाख, ब्याज दर 8.7 फीसदी और लोन का समय 15 साल है। आपको जो लोन पर ब्याज देना होगा वो इस प्रकार है...
साल ब्याज
पहला साल---- 3.46 लाख रुपये
दूसरा साल---- 3.34 लाख रुपये
तीसरा साल--- 3.20 लाख रुपये
चौथा साल---- 3.06 लाख रुपये
पांचवा साल--- 2.90 लाख रुपये
छठा साल----- 2.72 लाख रुपये
सांतवा साल--- 2.53 लाख रुपये
ऊपर बताई गई टेबिल के अनुसार भी आप पहले साल भी अब तय की गई 3.5 लाख रुपये की लिमिट को नहीं छू रहे हैं। आगे के सालों में भी यह लगातार कम होती जा रही है। इसका मतलब है कि आपको इसका उतना फायदा नहीं मिलेगा, जितना की बजट में बताया गया है। मतलब जितना टैक्स आप पहले बचा रहे थे, उतना ही बचा पाएंगे और ज्यादा लाभ नहीं होगा।
फिर भी है रियल इस्टेट सेक्टर को उम्मीद
हालांकि इसके बावजूद भी रियल एस्टेट सेक्टर को सरकार के इस कदम से काफी उम्मीद है। सेक्टर में कार्यरत कई डेवलपर्स को आशा है कि इससे अफोर्डेबल हाउसिंग को काफी बूस्ट मिलेगा। अंतरिक्ष इंडिया समूह के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि बजट में रियल एस्टेट सेक्टर औैर घर खरीदारों की जरूरतों को हल निकालने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री योजना के तहत 2.67 लाख रुपये की ब्याज सब्सिडी और 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये की छूट अलग से होगी।
ये सारे फैसले पहली दफा घर खरीदारों को बड़ी बचत कराएंगे। बुनियादी ढ़ाचों में अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश, हाउसिंग लोन इंडस्ट्री को रिजर्व बैंक द्वारा मॉनिटर करना भी ऐसे कदम हैं, जो रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट करने का काम करेंगे। ये सारे कदम रियल एस्टेट में तेजी लाने में मदद करेंगे। इससे सिर्फ रियल एस्टेट सेक्टर को ही नहीं बल्कि घर खरीदारों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
15 साल में मिलेगा सात लाख का फायदा
एटीएस की सहयोगी कंपनी होमक्राफ्ट के सीईओ प्रसून चौहान ने कहा कि सरकार के इस कदम से 15 साल में घर खरीदारों को सात लाख रुपये का फायदा मिलेगा। इससे मध्यम वर्ग को काफी राहत मिलेगी।
टॉप सात शहरों में लिया मकान
अगर आपने देश के टॉप सात रियल एस्टेट मार्केट वाले शहर जैसे कि मुंबई एमएमआरडीए, दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई और पुणे में घर खरीदने की सोच रहे है, तो यह इन शहरों के बाहरी इलाकों में प्रयास करें। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पर अभी भी आपको 45 लाख की सीमा में घर मिल जाएंगे। इसके अलावा छोटे शहरों में आसानी से दो या फिर तीन कमरों वाला फ्लैट आसानी से मिल जाएगा। हालांकि अगर यह एरिया अंडर डेवेलप हैं तभी यहां पर सस्ते घर मिल सकेंगे।