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डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर सर्विस चार्ज से जल्द मिलेगी मुक्ति

Wed, 15 Mar 2017 10:19 PM IST
amarujala.com- Submitted by: अनंत पालीवाल
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केंद्र सरकार की तरफ से कालेधन को लेकर बनाई गई एसआईटी के सुझावों पर अगर गौर करती है तो फिर करोड़ों क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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जस्टिस एमबी शाह की अगुवाई में बनाई गई एसआईटी ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले सर्विस चार्ज को पूरी तरह से खत्म करने का सुझाव दिया है।

इसके साथ ही शाह की टीम ने टैक्स देने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं को उपलब्ध कराने का भी सुझाव केंद्र सरकार को दिया है।

सर्विस चार्ज से बैंक करते हैं रोजाना करोड़ों की कमाई

गौरतलब है कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड का उपयोग करने वाले लोगों से बैंक और ई-गेटवे सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियां रोजाना बड़ी कमाई करते हैं। साल 2017 के जनवरी में करीब 115 करोड़ का ऑनलाइन लेन-देन किया गया था।
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इसके अलावा रिजर्व बैंक भी डिजिटल पेमेंट और डिजिटल बैकिंग के जरिए होने वाले लेन-देन पर सर्विस चार्ज लगाता है।
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इतना लगता है सर्विस चार्ज

card swap
बैंक और पेमेंट गेटवे कंपनियां डेबिट कार्ड से 1000 रुपए तक के लेन-देन पर 0.25 प्रतिशत, 2000 रुपए तक के लेन-देन पर 0.50 फीसदी और वहीं 2000 रुपए से ज्यादा के लेन-देन पर 1 फीसदी का चार्ज लेता है।

इसी के साथ क्रेडिट कार्ड से 1000 रुपए तक के ट्रांजेक्शन पर 25 रुपए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) कटता है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड के ट्रांजेक्शन से जो पैसा कटता है उसको एमडीआर कहा जाता है।

बहरहाल, अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार्ड से होने वाले ट्रांजेक्शन के चार्ज को तो कम कर सकते हैं लेकिन उसे पूरी तरह खत्म नहीं कर सकते क्योंकि पेमेंट गेटवे वाली कंपनियां इसमे अहम भूमिका निभाती है।  
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