केंद्र सरकार की तरफ से कालेधन को लेकर बनाई गई एसआईटी के सुझावों पर अगर गौर करती है तो फिर करोड़ों क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
जस्टिस एमबी शाह की अगुवाई में बनाई गई एसआईटी ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले सर्विस चार्ज को पूरी तरह से खत्म करने का सुझाव दिया है।
इसके साथ ही शाह की टीम ने टैक्स देने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं को उपलब्ध कराने का भी सुझाव केंद्र सरकार को दिया है।
सर्विस चार्ज से बैंक करते हैं रोजाना करोड़ों की कमाई
गौरतलब है कि क्रेडिट और डेबिट कार्ड का उपयोग करने वाले लोगों से बैंक और ई-गेटवे सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियां रोजाना बड़ी कमाई करते हैं। साल 2017 के जनवरी में करीब 115 करोड़ का ऑनलाइन लेन-देन किया गया था।
इसके अलावा रिजर्व बैंक भी डिजिटल पेमेंट और डिजिटल बैकिंग के जरिए होने वाले लेन-देन पर सर्विस चार्ज लगाता है।