सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना (SGB) सोने में निवेश की सबसे लाभदायक योजनाओं में से एक है। इसके तहत सरकार निवेशकों को बाजार मूल्य के मुकाबले सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका देती है। इसी महीने सरकार ने गोल्ड बॉन्ड में निवेश के लिए वित्त वर्ष 2021-22 की छठी श्रृंखला खोली थी। अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इससे संबंधित निवेशकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया है।
2015 में शुरू हुई थी योजना
मालूम हो कि वर्ष 2015 में शुरू एसजीबी योजना से मार्च 2021 के अंत तक कुल 25,702 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। रिजर्व बैंक ने 2020-21 के दौरान 16,049 करोड़ रुपये (32.35 टन) की कुल राशि के एसजीबी की 12 श्रृंखलाएं जारी की थीं। इस योजना की शुरुआत सोने की भौतिक मांग में कमी लाना और इसकी खरीद में इस्तेमाल होने वाली घरेलू बचत को वित्तीय बचत में स्थानांतरित करने के लिए की गई थी।
इस तरह होगा शिकायतों का निपटान
उपभोक्ताओं की शिकायतों की प्रक्रिया में अधिक सुधार के लिए प्राप्ति कार्यालय (आरओ) का नोडल अधिकारी पहला संपर्क बिंदु होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यहां प्राप्ति कार्यालय से तात्पर्य बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एससीएचआईएल), निर्धारित डाक कार्यालय और मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों (एनएसई और बीएसई) से है। अगर मुद्दे का समाधान नहीं होता है, तो आरओ में प्रसार ढांचे के जरिए उपभोक्ताओं की शिकायत का निपटान किया जाएगा।
रिजर्व बैंक से कर सकते हैं शिकायत
वहीं अगर शिकायत दर्ज करने के एक महीने के अंदर जवाब नहीं आता है, या निवेशक आरओ के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह sgb@rbi.org.in पर रिजर्व बैंक से शिकायत कर सकते हैं।
योजना के तहत ऐसे तय होती है सोने की कीमत
बॉन्ड का अंकित मूल्य 999 शुद्धता वाले सोने के लिए पिछले तीन कामकाजी दिवसों में साधारण औसत बंद भाव (इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिशन द्वारा प्रकाशित) मूल्य पर आधारित है। न्यूनतम स्वीकार्य निवेश एक ग्राम सोना और अधिकतम चार किलोग्राम प्रति व्यक्ति है। हिंदु अविभाजित परिवार के लिए भी निवेश की अधिकतम सीमा चार किलोग्राम है। वहीं ट्रस्ट्स के लिए यह 20 किलोग्राम है।