जल्द ही पूरे देश में एक समान मजदूरी लागू हो जाएगी। केंद्र सरकार इसको लागू करने के लिए संसद के मानसून सत्र में विधेयक लेकर आएगी। इससे पहले आज बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक के मसौदे को हरी झंडी दी जाएगी।
खत्म होगी अलग-अलग मजदूरी की दर
संसद में इस बिल के पास हो जाने के बाद पूरे देश में मजदूरी की दर एक हो जाएगी। अभी कई राज्यों में मजदूरी दर एक समान नहीं है। केंद्र द्वारा मजदूरी की दर तय करने के बाद राज्य सरकारों को कम से कम इतना पैसा मजदूरों के लिए फिक्स करना होगा।
नए कानून के बाद खत्म हो जाएंगे ये चार एक्ट
नए कानून के लागू हो जाने के बाद सरकार फिलहाल चल रहे चार एक्ट खत्म कर देगी। ये एक्ट हैं, मिनिमम वेजेस एक्ट 1948, पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट 1936, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 और समान पारितोषिक एक्ट 1976।
इसके साथ ही सरकार अभी चल रहे 44 अन्य लेबर एक्ट को भी खत्म कर देगी। इससे कारोबारियों के लिए बिजनेस करना आसान हो जाएगी, वहीं मजदूरों को भी ज्यादा मजदूरी मिलने लगेगी। हर दो साल में मजदूरी की दरों में परिवर्तन किया जा सकेगा।