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छूट गई आयकर रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन? तो जानिए अब कितना भरना होगा जुर्माना

Wed, 13 Jan 2021 04:07 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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टैक्स - फोटो : pixabay
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वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 10 जनवरी 2021 थी। एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए, आयकर विभाग ने कर रिटर्न दाखिल करने के लिए तारीख को आगे बढ़ाने के अनुरोधों को खारिज कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के मद्देनजर समय सीमा को कई बार बढ़ाया गया था। आमतौर पर आकलन वर्ष की आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई होती है। लेकिन इस साल इसे तीन बार बढ़ाया गया था।

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इस साल आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या करीब पांच फीसदी बढ़कर लगभग छह करोड़ तक पहुंच गई। ज्यादा संख्या में कंपनियों और इकाइयों द्वारा भरे गए रिटर्न के कारण आयकर रिटर्न की संख्या बढ़ी है। आयकर विभाग के अनुसार 31 मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 10 जनवरी 2021 तक 5.95 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए। व्यक्तिगत तौर पर आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 10 जनवरी तक थी, जबकि कंपनियों के लिए यह 15 फरवरी है।

अब भी भर सकते हैं आयकर रिटर्न
अगर आपने अपना आयकर रिटर्न अभी तक दाखिल नहीं किया है, तो भी आपके पास देरी से आईटीआर दाखिल करने का समय है। अंतिम तारीख के बाद दायर आयकर रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न के रूप में जाना जाता है।
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कितना लगेगा जुर्माना?
यदि आप बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, तो आपको देर से रिटर्न जमा करने का जुर्माना देना होगा। अंतिम तिथि 31 दिसंबर से आगे बढ़ा दी गई थी इसलिए जुर्माना 10,000 रुपये होगा। आमतौर पर, हर साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि संबंधित आकलन वर्ष की 31 जुलाई होती है। अगर आप आईटीआर मूल्यांकन वर्ष के 31 दिसंबर तक दाखिल करते हैं, तो आपको 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा, वहीं मूल्यांकन वर्ष के 31 दिसंबर से 31 मार्च के बीच रिटर्न दाखिल करने पर 10,000 रुपये जुर्माने के रूप में देने होंगे।

छोटे करदाताओं के लिए (जिनकी आय पांच लाख रुपये तक है) 31 मार्च तक आईटीआर दाखिल करने के मामले में 1,000 रुपये का जुर्माना लागू होता है। निर्धारित आईटीआर जमा करने से पहले आपको देय कर के साथ जुर्माना देना होगा। ध्यान रहे कि आप किसी भी कारण से बिलेटेड रिटर्न पर जुर्माना देने से बच नहीं सकते हैं। जुर्माने का भुगतान करने के अलावा, आपको आईटीआर फाइल करने तक हर महीने देय करों पर ब्याज का भुगतान भी करना होगा। 

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