कुलदीप सिंह जानना चाहते हैं कि क्या उनकी पांच साल की बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छी योजना होगी। दूसरे पिताओं की तरह 32 साल के कुलदीप सिंह भी अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं। हालांकि वह यह तय नहीं कर पा रहे कि उन्हें सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना चाहिए या इससे बेहतर भी कोई दूसरी योजना है।
अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के बारे में सोचना बहुत अच्छा विचार है। वर्ष 2015 में सरकार ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत बच्चियों के बेहतर भविष्य को प्रोत्साहित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) की शुरुआत की थी। सुकन्या समृद्धि योजना किसी भी दूसरे बैंक जमा की तरह निश्चित आय योजना है, जिसमें हर साल पैसे जमा कर सरकार द्वारा घोषित ब्याज हासिल किया जा सकता है। इस योजना में निवेश करने पर आयकर कानून 80 सी के तहत कर छूट भी मिलती है। लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि एक वित्त वर्ष में डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा निवेश न किया गया हो। इस समय सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर 7.6 प्रतिशत है, जो तमाम छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक है।
खाता कैसे खोला जा सकता है?
बच्ची के नाम से यह खाता पोस्ट ऑफिस या बैंक की किसी भी शाखा में खोला जा सकता है। खाता खोलते समय बच्ची की उम्र दस साल से कम होनी चाहिए। यह खाता बच्ची के माता-पिता या कानूनी तौर पर उसके अभिभावक खोल सकते हैं। इसके लिए सुकन्या समृद्धि योजना खाते का फॉर्म भरना पड़ता है, जिसमें बच्ची के जन्म प्रमाणपत्र के अलावा उसके अभिभावक की पहचान के लिए पासपोर्ट, आधार या पैन तथा एड्रेस प्रूफ के लिए उनके पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या दूसरे बिल की जरूरत पड़ती है। खाता खुल जाने पर बच्ची के लिए पासबुक जारी किया जाता है। एक बच्ची के नाम पर एक ही खाता खोला जा सकता है। यानी बच्ची के माता और पिता, दोनों उसके नाम पर दो अलग-अलग खाते नहीं खोल सकते। इतना ही नहीं, एक परिवार में सिर्फ दो बच्चियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खोला जा सकता है। तीसरी बच्ची को इसका लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि इसके अपवाद भी हैं। जैसे, दूसरी बार महिला द्वारा जुड़वां बच्चियां पैदा होने या पहली बार तीन बच्चियों के एक साथ पैदा होने पर उन सबको इसका लाभ मिलेगा।
निकासी
सुकन्या समृद्धि योजना खाते के 21 साल पूरे होने पर ब्याज के साथ धन की निकासी की जा सकती है। धन की निकासी पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता। निकासी के लिए आवेदन पत्र के साथ पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और आवास प्रमाण पत्र देना पड़ता है। अगर 21 साल पूरे होने पर पैसे नहीं निकाले गए, तो खाता सक्रिय रहेगा, पर ब्याज नहीं मिलेगा। तय समय से पहले खाते से 50 फीसदी धन की निकासी की जा सकती है। पर यह निकासी दो ही आधारों पर संभव है-या तो लड़की की शादी हो, या उसके उच्च अध्ययन के लिए पैसे की जरूरत है। पर उसके लिए लड़की का 18 साल का होना जरूरी है।
क्या आपको यह खाता खोलना चाहिए?
किसी भी निश्चित रिटर्न निवेश योजना की तरह एसएसवाई योजना में भी ब्याज समय के साथ घटता जाता है। वर्ष 2015 की 9.1 फीसदी ब्याज दर की तुलना में अब इसकी ब्याज दर 7.6 प्रतिशत है, जो भविष्य में और कम होगी। लेकिन यह योजना उन लोगों के लिए अच्छी है, जो अपनी बच्ची के आर्थिक भविष्य के लिए कहीं और निवेश नहीं कर सकते। इस योजना से प्राप्त धन का उपयोग दो ही काम के लिए करना चाहिए-बच्ची की पढ़ाई या फिर उसकी शादी। आपकी बच्ची को अगर उपहार में रुपये मिलते हैं, तो उसे भी इस खाते में डाल देना बुद्धिमानी है।
विशेषताएं पात्रता
कब शुरू की जा सकती है जन्म से 10 साल की उम्र तक
न्यूनतम सालाना जमा 1,000 रुपये
अधिकतम सालाना जमा 1.5 लाख रुपये
मैच्योरिटी की अवधि 21 वर्ष
निकासी की उम्र 18 वर्ष
भुगतान का माध्यम नकद, चेक, डिमांड
ड्राफ्ट, ऑनलाइन।