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सात स्टेप में घर बैठे भरें आईटीआर, बचे हैं सिर्फ तीन दिन

Wed, 28 Aug 2019 08:08 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स-- रोहित झा
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सरकार की ओर से आयकर रिटर्न दाखिल करने की तिथि बढ़ाने जाने के बाद भी कई करदाताओं ने अब तक नहीं भरा है। ऐसे करदाताओं के लिए आईटीआर भरने में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं, क्योंकि 31 अगस्त को अंतिम तिथि समाप्त हो रही है। पहले अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, जिसे एक महीने के लिए बढ़ाया गया था।

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दरअसल, कई आयकरदाता आज-कल टालने की आदत से अंतिम समय तक रिटर्न नहीं भरते और बाद में विभाग की साइट पर तकनीकी दिक्कत या दस्तावेज की कमी से तय समय में आईटीआर नहीं भर पाते। सीबीडीटी के अनुसार, व्यक्तिगत आयकरदाता, नौकरीपेशा, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और जिन लोगों के खातों की ऑडिटिंग की जरूरत नहीं है, उन्हें 31 अगस्त 2019 तक अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करना है। ऐसे करदाताओं के लिए रिटर्न भरना काफी आसान है। वे ऑनलाइन तरीके से विभाग की साइट पर पैन कार्ड, आधार, कंपनी द्वारा जारी फॉर्म-16 और फॉर्म 26एस की मदद से रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, जबकि इसे ऑफलाइन भी भरा जा सकता है।

इनके लिए 30 सितंबर तक छूट

कंपनियों या किसी फर्म के वर्किंग पार्टनर, व्यक्तिगत या फर्म जिसके खाते की ऑडिटिंग जरूरी है, उनके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2019 है। इसके अलावा आयकर अधिनियम की धारा 92ई के तहत जिन असेसी को रिपोर्ट देनी होती है, उन्हें भी 30 सितंबर तक छूट मिलेगी। धारा 92ई में ऐसे करदाता आते हैं, जिन्होंने दूसरे देश में कारोबार या कोई लेनदेन किया हो।  

आईटीआर के सात चरण

  • करदाता अपने पैन से यूजर आईडी और पासवर्ड बनाकर incometaxindiaefiling.gov.in पर लॉगिन करें।
  • फाइलिंग इनकम टैक्स रिटर्न विकल्प पर क्लिक करने से अगले पेज पर आपका पैन नंबर दिखेगा।
  • यहां मूल्यांकन वर्ष, फॉर्म का नाम चुनने के बाद सबमिशन मोड सेलेक्ट करना होगा।
  • इसके बाद दो विकल्प दिखेंगे, एक आधार ओटीपी से वेरिफिकेशन और दूसरा प्रिंट भेजकर वेरिफिकेशन। किसी एक का चुनाव कर अगला विकल्प पर क्लिक करें। 
  • सामने जो पेज आएगा उसमें आय का विवरण, कटौती और अपने निवेश की पूरी जानकारी भरें। 
  • रिटर्न या टैक्स की गणना के बाद आपको भुगतान की जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी। 
  • अगर टैक्स देनदारी है तो भुगतान करें और रिटर्न मिल रहा है तो सबमिट पर क्लिक करें। आपका रिटर्न दाखिल हो जाएगा।

 

आईटीआर भरने के कई फायदे

  • तीन साल का रिटर्न फॉर्म हो तो बैंक से कर्ज लेना और क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान हो जाता है।
  • बड़े लेनदेन, प्रॉपर्टी खरीदने और म्यूचुअल फंड में ज्यादा निवेश के लिए आईटीआर की जरूरत होती है।
  • अगर टीडीएस कटा है तो इसे क्लेम करने के लिए भी आईटीआर भरना जरूरी है।
  • वीजा बनाने के लिए दूतावास दो साल का रिटर्न फॉर्म मांगते हैं। 
  • अपना कारोबार शुरू करने के लिए भी आईटीआर फॉर्म की जरूरत होती है।
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यहां चेक करें रिफंड की स्थिति

आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आती जा रही है। अभी तक अधिकतर करदाताओं ने अपना रिटर्न दाखिल भी कर दिया होगा। आईटीआर भरने के बाद से ही करदाता अपने रिफंड का इंतजार करने लगता है। आयकर विभाग रिटर्न के ई-सत्यापन के तत्काल बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। 

दरअसल, इनकम टैक्स रिफंड वह राशि होती है जो करदाता की ओर से कुल कर देयता से अधिक भुगतान की जाती है। अगर करदाता का दावा सही होता है तो आयकर विभाग इसकी जानकारी ईमेल या एसएमएस के जरिये देता है। इसमें बताया जाएगा कि कितनी राशि करदाता के खाते में रिफंड की जाएगी। साथ ही रिफंड का एक सीक्वेंस नंबर भी दिया जाएगा। यह सूचना आयकर कानून की धारा 143(1) के तहत भेजी जाती है। अमूमन ई-सत्यापन के बाद रिफंड मिलने में 2 से 3 महीने का वक्त लगता है, लेकिन कई बार यह सिर्फ 15 दिनों में भी क्रेडिट हो जाता है। 

दो तरीके से करें रिफंड की जांच

करदाता अपने आयकर रिफंड की मौजूदा स्थिति जानने के लिए आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट पर जा सकते हैं। हालांकि, रिफंड के लिए आपका खाता पैन से जुड़ा होना जरूरी है। आयकर विभाग ने घोषणा की थी कि 1 मार्च 2019 से केवल ई-रिफंड ही जारी किया जाएगा। यह केवल उसी बैंक खाते में जमा होगा जो पेन कार्ड से लिंक है और जिसका विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर पूर्व सत्यापन हो चुका है।

स्थिति जांचने का पहला तरीका

  • करदाता www.incometaxindiaefiling.gov.in पर पैन और पासवर्ड से अपना अकाउंट लॉगइन करें।
  • अब रिव्यू रिटर्न/फॉर्म्स पर क्लिक करें।
  • ड्रॉप डाउन मेन्यू से इनकम टैक्स रिटर्न सेलेक्ट करें और असेसमेंट ईयर का चयन करें। 
  • इसके बार भरे गए रिटर्न फॉर्म से संबंधित एकनॉलेजमेंट नंबर पर क्लिक करें। 
  • सामने जो पेज खुलेगा उसमें रिटर्न भरने और ई-सत्यापन की तारीख के साथ आपका रिफंड जारी होने की स्थिति भी दिख जाएगी। 
  • एनसीडीएल पर जानें स्थिति

  • आयकर विभाग की ओर से बैंक को रिफंड भेजे जाने के 10 दिन बाद टिन एनसीडीएल की वेबसाइट पर स्थिति जान सकते हैं।
  • इसके लिए करदाता https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर जाएं।
  • यहां अपने पैन का ब्योरा और असेसमेंट ईयर डालें।
  • कैप्चा भरने के बाद सबमिट पर क्लिक करें और आपको स्क्रीन पर अपने रिफंड की स्थिति दिख जाएगी। इसमें भुगतान का प्रकार, रेफरेंस नंबर और तारीख लिखी होगी। 
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