केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की मिनी रत्न कंपनी वाप्कोस में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। सरकार इस कंपनी में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। यह IPO मार्च 2022 तक आ सकता है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से आईपीओ में कुछ देरी हुई। कंपनी को उम्मीद है कि वैल्युएशन का काम दो महीने तक पूरा हो जाएगा। मामले में कंपनी ने एक अधिकारी ने बताया कि महामारी की वजह से आईपीओ में कुछ देरी हुई है।
पिछले साल प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने साल 2020 में आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। इस साल भी आईपीओ बाजार से निवेशकों को बंपर मुनाफा हुआ है। आईपीओ बाजार में हलचल अब भी जारी है। वाप्कोस कंपनी जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आती है। यह कंपनी पानी, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए कंसल्टेंसी, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण सेवाएं उपलब्ध कराती है।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने फरवरी 2021 में 25 फीसदी बेचने के लिए रजिस्टार सर्विस और एडवरटाइजिंग एजेंसी के लिए टेंडर निकाला था। सरकार वित्त वर्ष 2021-22 में विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इतना ही नहीं, सरकार राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) में भी आईपीओ के जरिए अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।
तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक भी लाएगा आईपीओ
तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक भी आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए बैंक ने सेबी के पास दस्तावेज जमा कर दिए हैं। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) के अनुसार बैंक कुल 1,58,40,000 शेयर्स जारी करेगा। 1,58,27,495 फ्रेश शेयर्स जारी किए जाएंगे। वहीं 12,505 इक्विटी शेयर्स मौजूदा शेयरहोल्डर्स के द्वारा बेचे जाएंगे। जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल बैंक अपनी भविष्य की कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगा। इसके साथ ही टियर 1 कैपिटल की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।