कर्मचारी पेंशन योजना के तहत अब हर पेंशनर को न्यूनतम 1000 रुपए पेंशन मिलेगी। इस साल अप्रैल से इसकी शुरुआत हो सकती है।
ईपीएफओ की ओर से कर्मचारी पेंशन स्कीम स्कीम, 1995 के तहत चलाई जा रही इस योजना का संगठित क्षेत्र के उन 27 लाख पेंशनरों को तुरंत फायदा होगा, जिनकी पेंशन 1000 रुपए से कम है।
इस समय संगठित क्षेत्र में 44 लाख पेंशनर हैं। इसके साथ ही ईपीएफ के दायरे में आने वाले वेतन की सीमा 6,500 से बढ़ कर 15000 रुपए कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक यह सुविधा वित्त वर्ष 2014-15 से शुरू होगी। यानी इस साल अप्रैल से 1000 रुपए प्रति महीने पेंशन मिलने लगेगी। इसलिए लंबे समय से पेंशन की सीमा तय करने की सिफारिश की जा रही थी।
माना जा रहा है कि इस इजाफे से सरकारी खजाने पर 1300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आ सकता है। हालांकि इस इजाफे के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी लेना जरूरी है या नहीं इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते श्रम मंत्रालय ने इस बाबत नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर वित्त मंत्रालय को भेजा था।
भारतीय मजदूर संघ के बैजनाथ राय का कहना है कि एक हजार रुपए पेंशन का प्रस्ताव काफी पुराना है। सरकार को अब महंगाई की मार को देखते हुए न्यूनतम पेंशन में इजाफा करना चाहिए।
संसद की स्थायी समिति काफी पहले न्यूनतम पेंशन तीन हजार रुपए तय करने की सलाह दे चुकी है। लेकिन वित्त मंत्रालय ने एक हजार रुपए की पेंशन से ही आम आदमी को संतोष करने का संकेत दिया है।