नौकरी बदलने के साथ ईपीएफओ के सदस्यों को खाता ट्रांसफर में होने वाली परेशानी से बचाने ने लिए अगले वित्त वर्ष से पोर्टेबल परमानेंट पीएफ अकाउंट की शुरुआत की जा सकती है।
इस स्थाई पीएफ अकाउंट नंबर से निर्माण जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने में भी मदद मिलेगी।
श्रम मंत्रालय की ओर से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को दिए गए एक्शन प्लान के मुताबिक संगठन से यूनिक इम्प्लॉयी नंबर के लिए एक तंत्र बनाने को कहा गया है, जो कोर बैंकिंग जैसी सुविधा दे।
ईपीएफओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संगठन सदस्यों को स्थाई अकाउंट नंबर मुहैया कराने के लिए काम कर रहा है। वित्त वर्ष 2014-15 में ऐसा करना मुश्किल नहीं है।
परमानेंट अकाउंट के लिए ईपीएफओ को एक केंद्रीय सर्वर लगाना होगा, जो संगठन के 123 फील्ड ऑफिसों से जुड़ा होगा।
वर्तमान में ईपीएफओ के खाताधारकों को नौकरी बदलने के बाद अकाउंट ट्रांसफर के लिए आवेदन करना पड़ता है।