क्या आपके पास भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से खाते में पैसा जमा कराने का मैसेज आया है? अगर हां, तो फिर सचेत हो जाइये। क्योंकि यह हैकर्स की चाल है, जिसके जरिए वो आपके खाते में सेंध लगा सकें।
ईपीएफओ ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए लोगों से कहा है कि ऐसे किसी भी मैसेज को अनदेखा कर दें। ईपीएफओ ने कहा है कि वो कभी भी अपने अंशधारकों से किसी भी तरह की निजी जानकारी या फिर बैंक खाते में पैसा जमाने के लिए नहीं कहता है। इसके साथ ही किसी भी तरह की निजी जानकारी को फोन पर साझा न करें।
ईपीएफओ ने कहा है कि अंशधारक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) समेत आधार संख्या, पैन कार्ड संख्या या फिर बैंक खातों की जानकारी किसी को भी न दें। ईपीएफओ किसी भी सदस्य या फिर अंशधारक से बैंक खातों में रकम जमा कराने के लिए नहीं कहता है।
ईपीएफओ के पास फिलहाल छह करोड़ अंशधारक, 12 लाख कर्मचारी और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं। इन लोगों की परेशानी को हल करने के लिए सोशल मीडिया, EPFiGMS पोर्टल और कॉल सेंटर मौजूद हैं। इसके अलावा श्रम मंत्रालय के फेसबुक पेज और ट्विटर खाते पर भी किसी तरह की शिकायत को दर्ज किया जा सकता है। ईपीएफओ का कॉल सेंटर मई 2019 से चौबीस घंटे हफ्ते के सातों दिन कार्य करता है।
बता दें कि अबतक मुख्य रूप से बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान ही अपने ग्राहकों को ओटीपी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड और अन्य व्यक्तिगत विवरणों को किसी के साथ साझा नहीं करने की चेतावनी दे रहे थे। क्योंकि कई शातिर हैकर्स बैंक कर्मचारियों के रूप में फोन कर ग्राहकों से धोखाधड़ी करने में लगे थे। अब EPFO ने भी अपने सदस्यों को इसी तरह की चेतावनी जारी की है।