नए साल में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बहुत बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इस बदलाव के तहत सारी सर्विसेज डिजिटल हो जाएंगी। इसका मतलब ये है कि नए साल से ईपीएफओ के 4.6 करोड़ अंशधारकों को बढ़िया सर्विस मिलेगी। इसके साथ ही स्टॉक मार्केट में निवेश करने की सीमा को बढ़ाया जाएगा।
पीएफ अकाउंट को आधार से जोड़ा जाएगा
सेंट्रल पीएफ कमिश्नर वीपी जॉय ने कहा कि पीएफ अकाउंट को आधार से जोड़ा जाएगा। पीएफ अकाउंट को UAN से लिंक करने के बाद अब अपने करोड़ों अंशधारकों को एक और तोहफा दे दिया है। अब पीएफ खाताधारकों को नौकरी बदलने के बाद अपना अकाउंट नहीं बदलना पड़ेगा।
वीपी जॉय ने कहा कि अगले महीने से जैसे ही कोई व्यक्ति अपनी नौकरी को बदलेगा, वैसे ही उसका पीएफ अकाउंट चेंज हो जाएगा और पुराने अकाउंट को बंद करने की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी। पीएफ कमिश्नर ने कहा कि पीएफ खातों को आधार से लिंक किया जा रहा है। आधार से लिंक होने के बाद पीएफ खाता परमानेंट हो जाएगा जिसको भविष्य में चेंज करने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
पीएफ, पेंशन का एक ही दिन मिलेगा पैसा
अब कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट वाले दिन ही प्रोविडेंट फंड (पीएफ) और पेंशन का पैसा मिल जाएगा। ईपीएफओ अपने अंश धारकों के लिए सभी सेवाएं ऑनलाइन करने जा रहा है। आधार कार्ड लिंक करना इस दिशा में पहल है।
ऑनलाइन सेवाओं में पीएफ से निकासी और पेंशन का निर्धारण भी शामिल होगा। आधार से लिंक होने के बाद अंश धारक इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से लेन-देन कर सकेंगे। अंशधारकों के यूएएन से लिंक होते ही पीएफ दफ्तर से जुड़े कार्यों के लिए विभागीय और अफसरों के चक्कर लगाने की मुक्ति मिल जाएगी।