यह बैलेंस्ड एडवांटेज फंड क्या है?
बैलेंस्ड एडवांटेज फंड (बीएएफ) एक तरह का म्यूचुअल फंड है, जिसमें इक्विटी और डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स, दोनों में निवेश किया जाता है। साथ ही, यह हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की श्रेणी में आता है। ये फंड अपनी इक्विटी और डेब्ट एक्सपोजर का मैनेजमेंट इस तरह करते हैं कि फंड मैनेजर इक्विटी निवेश के माध्यम से बाजार में आने वाली तेजी का लाभ हासिल कर सकते हैं। बाजार में गिरावट की स्थिति होने पर पोर्टफोलियो को आसानी से संभाल भी सकते हैं। आमतौर पर इक्विटीज को लंबी अवधि (5 से 7 साल) के तौर पर देखा जाता है, लेकिन अगर आप बीएएफ में निवेश करते हैं तो 3-4 साल में ही सकारात्मक परिणाम दिखने के आसार बन जाते हैं।
इंटरनेशनल फंड क्या है, इसमें निवेश करने से क्या फायदा?
अगर आप निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो डाइवर्सीफाइंग पोर्टफोलियो काफी अच्छा साबित हो सकता है। इसके तहत इंटरनेशनल फंड में निवेश करने से आपके पोर्टफोलियो में काफी फायदा होने की उम्मीद बढ़ जाती है। दरअसल, अलग-अलग बाजारों के प्रदर्शन के हिसाब से ग्रोथ के मौके भी बढ़ जाते हैं। अहम बात यह है कि वैश्विक बाजार उन योजनाओं पर भी काम करते हैं, जो भारत में लागू नहीं होतीं। आपके कुल इक्विटी पोर्टफोलियो में से 10 फीसदी रकम को इंटरनेशनल फंड में निवेश किया जा सकता है, जिसमें जोखिम के आधार पर 20 से 30 फीसदी का इजाफा हो सकता है।
बैंकिंग सेक्टर में ऑडिट, डायरेक्ट टैक्स कंसल्टेंसी व एसेसमेंट, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट और वित्तीय प्रबंधन का अच्छा-खासा अनुभव रखने वाले अशोक कुमार ठुकराल एंड कंपनी के संस्थापक अशोक कुमार ठुकराल ने भी कई टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा जोखिम, जोखिम नहीं लेना है। लोग सोचते हैं कि वे 10 साल बाद सेविंग करेंगे, लेकिन 10 साल बाद क्या होगा? अगर आप 300-350 रुपये रोज जमा करते हैं तो 60 साल की रिटायरमेंट के वक्त एक करोड़ बनेगा। अगर आप जल्दी निवेश शुरू कर देंगे तो आप रोजाना 100 रुपये बचाकर करोड़पति बन सकते हैं, लेकिन 10 साल बाद निवेश शुरू करने पर रोजाना 300-350 रुपये बचाने होंगे। म्यूचुअल फंड में शेयर बाजार और बिटक्वाइन से कम जोखिम है। शुरुआती निवेशकों के लिए एसआईपी (SIP)अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर लंबे समय के लिए निवेश करते हैं तो अच्छे पैसे बनेंगे।
निवेश करते समय ईएलएसएस का रखें ध्यान
अशोक कुमार ठुकराल ने बताया कि इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) सबसे कम अवधि के लिए पैसा लॉक करती है। यह सेविंग स्कीम सेक्शन 80सी के तहत आती है। जब आप इक्विटी सेल करते हो तो टैक्सेशन आता है। इसमें एक लाख रुपये तक का टैक्स फ्री होता है। इसके ऊपर 10 फीसदी टैक्स लगता है। शॉर्ट टर्म में 15 फीसदी न्यूनतम है। इस तरह टैक्सेशन के मामले में यह एफडी और बैंक डिपॉजिट के मुकाबले अच्छा है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी निवेश करने के टिप्स बताए। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को हर साल एक डिक्लरेशन देना होता है, जिसमें एसेट और लायबिलिटी बतानी होती है। ऐसे में सरकारी कर्मचारी भी शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए वे किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित मनीगेन कंसल्टेंट्स के सह-संस्थापक शोभित गुप्ता ने 'धन की बात' वेबिनार में कहा कि म्यूचुअल फंड में निवेशक कम से कम 500 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। अगर आपकी उम्र 18 साल से कम है तो निवेश के लिए आप अपने माता-पिता का पैन और आधार कार्ड दे सकते हैं। हर किसी को यह देखना होगा कि उनके लिए कौन सा म्यूचुअल फंड सही है। रिस्क प्रोफाइल देखकर इसमें निवेश करें। रिटर्न आपके जोखिम की क्षमता पर निर्भर है। हर किसी का रिस्क प्रोफाइल उनके निवेश, उम्र, इनकम, खर्चों के हिसाब से अलग होता है। अगर आप ज्यादा जोखिम वाले विकल्प में लंबे समय तक निवेश करते हैं तो रिटर्न बेहतर होगा।
घर बैठकर आसानी से शुरू कर सकते हैं निवेश
शोभित गुप्ता ने कहा कि म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए आपको पैन कार्ड, आधार कार्ड, फोटो और कैंसल्ड चेक की जरूरत होती है। इसमें सबसे पहले आपकी केवाईसी होगी। ये ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों तरीकों से हो सकती है। इसके बाद आप अपना ऑनलाइन अकाउंट खोलकर निवेश कर सकते हैं। बैंक अकाउंट डालकर आपका अकाउंट सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद आप घर बैठकर ही निवेश शुरू कर सकते हैं। हालांकि, किसी के बहकावे में आकर निवेश न करें। सभी निवेशक एमएफ सेंट्रल डॉट कॉम पर जाकर अपने सारे निवेश देख सकते हैं और नॉमिनी भी बदल सकते हैं।